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चार साल बाद फिर आई मोबाइल फोरेंसिक लैब वैन की याद, खरीदने की कवायद तेज

deltin33 2026-1-9 21:26:55 views 973
  

झारखंड के राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एसएफएसएल) को बेहतर व प्रभावी बनाने की प्रक्रिया एक बार फिर तेज की गई है।



राज्य ब्यूरो, रांची।  झारखंड के राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एसएफएसएल) को बेहतर व प्रभावी बनाने की प्रक्रिया एक बार फिर तेज की गई है। चार साल के बाद एक बार फिर एसएफएसएल के लिए राज्य सरकार फोरेंसिक लैब वैन खरीदने जा रही है।

झारखंड हाई कोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार ने वर्ष 2021 में इसके लिए योजना तैयार की थी और वर्ष 2022 में 25 फोरेंसिक लैब वैन के लिए करीब ढाई करोड़ रुपये की स्वीकृति भी दे दी थी, जिसमें करीब साढ़े चार करोड़ रुपये के उपकरण लगाए जाने थे।

उस वक्त राज्य सरकार ने फोरेंसिक लैब वैन से लेकर राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एसएफएसएल) के अपग्रेडेशन पर 24.29 करोड़ रुपये स्वीकृत किया था। इसकी जानकारी महालेखाकार कार्यालय को भी दी थी।

टेंडरिंग आदि की प्रक्रिया हुई और उपकरणों के दर सहित खरीद की प्रक्रिया आदि में तकनीकी अड़चने आ गईं, जिसके चलते यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई थी। अब राज्य सरकार एक बार फिर इन उपकरणों की खरीदारी के प्रति गंभीर है, ताकि राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला को बेहतर बनाया जा सके।
सभी 24 जिलों में एक-एक फोरेंसिक लैब वैन होंगे

फोरेंसिक लैब वैन की खरीदारी के पीछे यह तर्क दिया गया है कि सभी 24 जिलों में एक-एक फोरेंसिक लैब वैन होंगे, जो वहां के एसपी के अधीन रहेंगे। वहीं, एक वैन रिजर्व में एसएफएसएल मुख्यालय में रहेगा।

इस प्रयोगशाला के अपग्रेडेशन के बाद घटनास्थल से फोरेंसिक नमूने एकत्रित करने से लेकर प्रारंभिक व कुछ सामान्य जांच तक के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
झारखंड हाई कोर्ट ने धनबाद के जज उत्तम आनंद हत्याकांड में सुनवाई के दौरान राज्य की विधि विज्ञान प्रयोगशाला की लचर स्थिति पर कड़ी टिप्पणी की थी।

इसके बाद ही गृह विभाग ने हाई कोर्ट को आश्वस्त किया था कि प्रत्येक जिले में एक जिला फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (डीएफएसएल) व एक फोरेंसिक लैब वैन तैनात होगा। चार साल से अधिक समय हो गया, लेकिन इन दोनों में किसी एक पर भी कोई कोई नहीं हो सका।
यह था प्रस्ताव, जिसे एक बार फिर बढ़ाया गया है आगे

एसएफएसएल ने जो प्रस्ताव दिया है, उसके अनुसार सभी 24 जिलों में एक-एक जिला फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (डीएफएसएल) बनेंगे। इसके अलावा जो 25 फोरेंसिक लैब वैन होंगे, वे बोलेरो की बीएस-6 गाड़ियों में बनेंगी।

इन गाड़ियों में बैलिस्टिक किट, ब्लड सैंपल किट, फोटोग्राफी किट सहित अन्य जरूरी के सामान रहेंगे, जिसकी घटनास्थल पर जरूरत होती है। इसके लिए बोलेरो की पीछे की दो सीट निकालकर उसे विकसित किया जाएगा। इसी प्रस्ताव को एक बार फिर आगे बढ़ाया गया है, जिसपर सरकार की सहमति ली जाएगी।
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