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एनएसजी के मानेसर ट्रेनिंग सेंटर के नेशनल बम डाटा सेंटर का वर्चुअल शुभारंभ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया। सौ. सोशल मीडिया
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। आतंकवाद के खिलाफ देश की सुरक्षा कवच में नेशनल आईईडी डाटा मैनेजमेंट सिस्टम (एनआइडीएमएस) जुड़ गया। इसे एनएसजी के मानेसर ट्रेनिंग सेंटर के में नेशनल बम डाटा सेंटर में शुरू किया गया है। इसका वर्चुअल शुभारंभ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया। इस सेंटर के माध्यम से देश भर में कहीं भी होने वाले आइईडी विस्फोट की जानकारी एकत्रित किया जाएगा। उसका विश्लेषण करने के बाद सभी राज्यों की सुरक्षा एजेंसियों से लेकर केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों से शेयर किया जाएगा।
आतंकवाद की जड़ कमजोर करने में सफलता मिलेगी
विश्लेषण से पता चल सकेगा कि कहां पर किस तरह के आइईडी का इस्तेमाल किया गया। उसकी क्षमता क्या थी। विस्फोट होने के बाद बचाव को लेकर किस स्तर का बचाव कार्य होना चाहिए। यदि कहीं आइईडी के बारे में सूचना मिलती है तो उसे कैसे निष्क्रिय किया जाए। इससे आतंकवाद की जड़ और तेजी से कमजोर करने में सफलता हासिल होगी।
सक्रियता की वजह से देश के लोग चैन की नींद ले रहे
समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नेशनल आईईडी डाटा मैनेजमेंट सिस्टम देश की सुरक्षा में एक और मजबूत कवच होगा। सेंटर से विज्ञानी साक्ष्य बेहतर तरीके से सामने आ सकेंगे। एजेंसियों का आंतरिक समन्वय और बेहतर होगा। एनएसजी देश की सुरक्षा का मजबूत स्तंभ है। एनएसजी की पहचान जीरो टेरर फोर्स के रूप में हो चुकी है। आतंकवाद के खिलाफ इसकी सक्रियता की वजह से देश के लोग चैन की नींद ले रहे हैं।
कहीं भी आतंकवाद का मजबूत जवाब एनएसजी देती है। हर चुनौती का सामना करने में एनएसजी सक्षम है। जब भी मौका मिला, एनएसजी ने बेहतर किया। आतंकी घटनाओं का विश्लेषण कर एनएसजी ने अपने आपको दक्ष बनाया है। इसी दिशा में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) द्वारा एनआइडीएमएस विकसित किया गया है। यह एक सुरक्षित राष्ट्रीय स्तर का डिजिटल प्लेटफार्म है।
सुरक्षा को मजबूत बनाने में काफी मदद मिली
इसका मुख्य उद्देश्य तात्कालिक विस्फोटक उपकरणों (आईईडी) से संबंधित डाटा का व्यवस्थित संग्रह, संकलन और प्रसार करना है। देश के कई हिस्सों में आइईडी एक बड़ी सुरक्षा चुनौती है, इसका इस्तेमाल अक्सर आतंकवादी नागरिकों को निशाना बनाने के लिए करते हैं। 1999 से लेकर अब तक जहां कहीं भी विस्फोट हुआ है, उसका डाटा नेशनल बम डाटा सेंटर में उपलब्ध है। इससे सुरक्षा को मजबूत बनाने में काफी मदद मिली है।
Today inaugurated via video conferencing, the National IED Data Management System (NIDMS) of the @nsgblackcats, a new tool that engages the power of data, building India\“s next-gen security shield against terror.
Collating an expansive pool of data on bombs on one digital… pic.twitter.com/eqTgHn4rca— Amit Shah (@AmitShah) January 9, 2026
अब एनआईडीएमएस की शुरुआत से देश का सुरक्षा कवच और मजूत होगा। विश्लेषण से पता घटनाओं के जुड़ाव का पता आसानी से चल सकेगा यानी विस्फोटों को समझने में काफी आसानी होगी। यह सेंटर वन नेशन वन डाटा टेरिटरी के रूप में काम करेगा। इससे न केवल जांच की गति तेज होगी बल्कि गुणवत्ता आधारित जांच हो सकेगी। रियल टाइम पर सूचनाएं सामने आएंगी।
एक से डेढ़ घंटे में कहीं पहुंच सकती है एनएसजी की टीम
देश की सुरक्षा कवच को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार प्रयास चल रहे हैं। इसी प्रयास के तहत मुंबई, चेन्नई, कोलकाता एवं अयोध्या सहित कई जगह एनएसजी का सेंटर चालू किए जा चुके हैं। इससे देश की सुरक्षा काफी मजबूत हुई है। एनएसजी की टीम देश में कहीं भी एक से डेढ़ घंटे के भीतर पहुंच सकती है।
एनएसजी 365 दिन 24 घंटे सक्रिय है। इसका फायदा देश को हो रहा है। जबसे देश में नरेन्द्र मोदी की सरकार बनी है तब से सुरक्षा के ऊपर मजबूती से काम किया जा रहा है। पिछले छह साल में सुरक्षा से संबंधित कई प्रकार के डाटा एकत्रित किए गए हैं। इसका लाभ मिल रहा है।
शुभारंभ के दौरान मौके पर एनएसजी के महानिदेशक बी. श्रीनिवासन मौजूद रहे। सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशक एवं केंद्रीय सुरक्षा बलों के महानिदेशक समारोह से वर्चुअल जुड़े।
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