जागरण संवाददाता, मेरठ। सेंट्रल मार्केट के व्यापारी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए विचार विमर्श कर रहे हैं। शुक्रवार को व्यापारी दिल्ली में वरिष्ठ अधिवक्ताओं से इस मामले में राय लेने पहुंचे। मामले की सुनवाई 16 जनवरी को प्रस्तावित है, जिसे लेकर व्यापारियों में खलबली मची है।
शनिवार को (आज) सुबह 10:30 बजे सेंट्रल मार्केट में व्यापारियों की आवश्यक बैठक बुलाई गई है। शनिवार को व्यापारी अपनी दुकानें 12 बजे के बाद खोलेंगे। शास्त्रीनगर और जागृति विहार के सभी व्यापारियों को भी बुलाया है।
एक दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने आवास विकास परिषद को दो माह के अंदर समस्त अवैध निर्माण हटाने का आदेश दिया है। शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट 661/6 को ध्वस्त करने की सूचना भी इस सुनवाई के दौरान आवास विकास परिषद के अधिवक्ता ने दी थी।
इस पर कोर्ट ने कहा कि अन्य निर्माणों के खिलाफ भी कार्रवाई कर कोर्ट को अवगत कराया जाए। वहीं शमन के लिए दुकानदारों की तरफ से आवेदन देने के अलावा कोई कार्रवाई नहीं हुई है। व्यापारी सुप्रीम कोर्ट के रुख को लेकर आशंकित हैं कि कहीं कोई ऐसा आदेश न हो जाए जिससे अब तक सारी राहत की कवायद धरी की धरी रह जाए।
व्यापार बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष जीतेंद्र अग्रवाल ने बताया सुप्रीम कोर्ट में हमें अपना पक्ष रखने का अभी तक मौका नहीं मिला है। व्यापारी शमन कराने और अपना निर्माण मानचित्र के अनुरूप करने को तैयार हैं। राहत और समय अवधि बढ़ाने के लिए विधिक राय ली जा रही है।
बताया कि शास्त्रीनगर योजना संख्या 7 में 729 निर्माण चिह्रित हैं। इनमें ढाई हजार से अधिक दुकानें हैं। कहा कि इतनी बड़ी संख्या में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होने से हजारों परिवार बर्बाद हो जाएंगे। वहीं मामले में अवमानना वाद दायर करने वाले लोकेश खुराना ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की तिथि 16 जनवरी को है। |
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