मैक्लुस्कीगंज में जमी बर्फ की चादर। फोटो जागरण
जागरण संवाददाता, रांची। झारखंड की राजधानी से करीब 65 किलोमीटर दूरी पर स्थित मैक्लुस्कीगंज भीषण ठंड के कारण पूरे देश में चर्चा में है। जहां शिमला में न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस, मसूरी में 3 डिग्री सेल्सियस और श्रीनगर में 1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं मैक्लुस्कीगंज में पारा शून्य से दो डिग्री नीचे यानी माइनस 2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार ठंड का असर कुछ दिन और रह सकता है। राजधानी समेत कांके, खूंटी, डाल्टनगंज, बोकारो, हजारीबाग और सिमडेगा में शीतलहर चल रही है। मौसम विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि आने वाले तीन से चार दिनों में ठंड और बढ़ेगी तथा 12 व 13 जनवरी को इस वर्ष का सबसे अधिक ठंड पड़ने की संभावना है।
राजधानी से सटे कांके में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 3.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह खेत-खलिहानों, मैदानों में पाले की सफेद चादर बिछी नजर आई। खूंटी जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान न्यूनतम तापमान गिरकर 1.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग ने डाल्टनगंज, चाईबासा, सिमडेगा, खूंटी और बोकारो में शीतलहर की चेतावनी जारी की है।
स कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। सुबह से ही सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है और लोग दिन में भी घरों में दुबके रहने को मजबूर हैं। ठंड के कारण स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति कम हो रही है, वहीं बाजारों में भी रौनक घट गई है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार ठंड का यह प्रकोप अभी कुछ दिन और जारी रह सकता है। उन्होंने बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। गर्म कपड़े, अलाव और हीटिंग उपकरणों का सहारा लेकर लोग ठंड से बचाव में जुटे हुए हैं। |