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Bihar Intermediate Exam Result 2026: 27 से मूल्यांकन, 1500 परीक्षक जांचेंगे 7 लाख से अधिक कॉपियां

deltin33 1 hour(s) ago views 72
  

Copy Checking Process: मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए कड़ी निगरानी व्यवस्था की गई है। फाइल फोटो



जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Answer Sheet Evaluation: बिहार इंटरमीडिएट और मैट्रिक परीक्षा संपन्न हो चुकी है। इसके साथ ही रिजल्ट घोषित करने की प्रक्रिया आरंभ हो गई। इसका पहला चरण है कॉपियों का मूल्यांकन। इंटर की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन 27 फरवरी से शुरू होगा।

जिले में बनाए गए पांच मूल्यांकन केंद्रों पर डेढ़ हजार से अधिक परीक्षक सात लाख से ज्यादा कॉपियों की जांच करेंगे। मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए इस बार कड़ी निगरानी व्यवस्था की गई है।

शहर के चैपमैन बालिका विद्यालय, जिला स्कूल, द्वारिकानाथ उच्च विद्यालय, मारवाड़ी उच्च विद्यालय और मुखर्जी सेमिनरी स्कूल में इंटर की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन होगा। सभी केंद्रों पर सीसी कैमरे लगाए जाएंगे और पूरे परिसर की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी। प्रत्येक केंद्र पर वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।

जिला शिक्षा पदाधिकारी कुमार अरविंद सिन्हा ने बताया कि मूल्यांकन कार्य को समयबद्ध और गोपनीय तरीके से पूरा कराने के लिए सभी तैयारियां कर ली गई हैं। मूल्यांकन केंद्रों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

केवल अधिकृत शिक्षक और कर्मी ही पहचान पत्र के साथ प्रवेश कर सकेंगे। परीक्षकों के लिए चाय-नाश्ता की व्यवस्था केंद्र परिसर के अंदर ही रहेगी और वे मूल्यांकन के दौरान बाहर नहीं जा सकेंगे।
मोबाइल पाए जाने पर कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मूल्यांकन के समय परीक्षक अपने पास मोबाइल फोन नहीं रखेंगे। मोबाइल पाए जाने पर संबंधित परीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रधान परीक्षकों को भी निर्देश दिया गया है कि उत्तरपुस्तिकाओं का बंडल खुलने के बाद उसी दिन उसका मूल्यांकन हर हाल में पूरा किया जाए।

इसी क्रम में शिक्षा विभाग ने मैट्रिक और इंटर दोनों परीक्षाओं की कॉपी जांच को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नियमों के अनुसार, तीन या उससे अधिक अंकों वाले प्रश्नों की जांच एक से अधिक परीक्षकों द्वारा की जाएगी, जबकि 10 अंकों वाले प्रश्नों की जांच अनिवार्य रूप से तीन परीक्षकों से कराई जाएगी। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित परीक्षक को जिम्मेदार माना जाएगा।

मूल्यांकन की गति बनाए रखने के लिए यह भी तय किया गया है कि एक दिन में 45 से कम कॉपियों की जांच करने वाले परीक्षक को केवल 300 रुपये मानदेय मिलेगा।

जिला स्तर पर सभी मूल्यांकन केंद्रों की नियमित निगरानी की जाएगी और लापरवाही या नियम उल्लंघन की स्थिति में सख्त कार्रवाई होगी। अधिकारियों का कहना है कि इन सख्त प्रावधानों से उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद होगी, जिससे छात्रों को उनके प्रदर्शन के अनुरूप सही परिणाम मिल सकेंगे।   
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