घोटाले में दो मदरसाें के प्रधानाध्यापक गिरफ्तार। जागरण
जागरण संवाददाता, बलरामपुर। मध्याह्न भोजन योजना में 11 करोड़ से अधिक के घोटाले में दो मदरसाें के प्रधानाध्यापकों की गिरफ्तारी पुलिस ने की है। आरोपित गुलाम गौसुलवरा मदरसा दारुल उलमू फारुकिया मध्यनगर पचपेड़वा का प्रधानाध्यापक है, जो सिद्धार्थनगर के इटवा स्थित ग्राम गुलरिहा का रहने वाला है। साथ ही मदरसा फजले रहमानिया पचपेड़वा के प्रधानाध्यापक त्रिकौलिया गांव निवासी नूरुल हसन खान को पकड़ा गया है। इससे पूर्व फर्जीवाड़े के मुख्य आरोपित एमडीएम सेल के जिला समन्वयक समेत सात लोगों को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है।
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि बीते 26 नंबर को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शुभम शुक्ला की तहरीर पर नगर कोतवाली में सरकारी दस्तावेजों में कूटरचना करते हुए मध्याह्न भोजन योजना के 11 करोड़ से अधिक धनराशि के गबन में डीसी एमडीएम सेल समेत 44 नामजद व अन्य के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था।
डीसी एमडीएम सेल फिरोज अहमद, नसीम अहमद, अशोक कुमार गुप्त, अहमदुल कादरी, मलिक मुन्नवर, साहेबराम व दानिश को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है। अन्य आरोपितों की तलाश की जा रही थी। इसी क्रम में नगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने फर्जीवाड़े में नामजद दो मदरसों के प्रधानाचार्य नूरल हसन खान और गुलाम गौसुलवरा को गिरफ्तार किया है।
यह भी पढ़ें- सीतापुर में GST चोरी का बड़ा खुलासा, फर्जी फर्मों से करोड़ों का घोटाला; सात गिरफ्तार
पोर्टल से पता करते छात्रों की संख्या :
मदरसा प्रधानाचार्यों ने पूछताछ में बताया कि डीसी एमडीएम सेल के साथ मिलकर बेसिक शिक्षा विभाग के आवीआरएस पोर्टल से विभिन्न विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या ज्ञात करते थे। इसके बाद शासन से निर्धारित कन्वर्जन कास्ट के गुणांक में धनराशि की गणना कर एक्सेल शीट तैयार की जाती थी।
जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद एक्सेल शीट को पीएफएमएस पोर्टल पर अपलोड न करके अपने सहयोगी विद्यालयों की धनराशि बढ़ाकर एवं अन्य विद्यालयों की राशि कम कर सरकारी धन का बंदरबांट किया जाता था। |
|