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अलाव के पास खड़े लोग।
जागरण संवाददाता, मथुरा। सर्दी रोज नए तेवर दिखा रही है। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच शुक्रवार सुबह कई स्थानों पर हल्की वर्षा हुई तो टैंटींगांव में ओलावृष्टि हुई। तीन दिन बाद में दिन में धूप तो निकली, लेकिन शाम को गलन फिर बढ़ गई। बर्फीली हवाओं ने हाड़ कंपा दिए।
अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गुरुवार के मुकाबले शुक्रवार को बढ़ोतरी हुई, लेकिन ठंड के तेवर वही बने रहे। गुरुवार को दिन भर चली बर्फीली हवाओं ने हाड़ कंपा दिए। रात करीब 11 बजे कोहरा छा गया। सड़क पर कुछ कदम भी चलना मुश्किल हो गया। लेकिन शुक्रवार सुबह सुरीर, टैंटीगांव, छटीकरा के साथ ही हाईवे से सटे कई इलाकों में करीब छह बजे वर्षा हुई। टैंटीगांव में तो 15 मिनट तक ओले भी पड़े।
टैंटीगांव में ओले गिरे, कई स्थानों पर वर्षा, शाम को बढ़ी गलन
वर्षा से मौसम सर्द हुआ, लेकिन दोपहर में धूप निकल आई। कई दिन से सूर्यदेव ठंड के कारण बादलों में छिपे थे, शुक्रवार को उनके दर्शन हुए तो राहत मिली। अधिकतम तापमान 17.2 और न्यूनतम 6.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शाम होते-होते गलन कई दिनों की अपेक्षा अधिक बढ़ गई। छह किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली बर्फीली हवाओं ने सड़क पर निकलना मुश्किल कर दिया। मौसम विभाग के मुताबिक, शनिवार को अधिकतम तापमान तो बढ़ेगा, लेकिन बादल छाए रहेंगे। धूप भी काफी धीमी होगी। किसानों ने राहत की सांस ली है, यदि वर्षा और ओलावृष्टि अधिक होती तो फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ता।
ट्रेनों की चाल बिगड़ी, बसों में सफर भी मुश्किल
मौसम बिगडने का असर आवागमन के साधनों की चाल पर पड़ रहा है। घने कोहरे और सर्दी के कारण ट्रेनों की गति बिगड़ी है। यही कारण है कि दस दिन से ट्रेनें निर्धारित समय से काफी देरी से चल रही हैं। उधर, रोडवेज बसों की रफ्तार पर भी असर पड़ रहा है। घने कोहरे के कारण वाहनों को रास्ते में ढाबा और अन्य स्थानों पर रोक दिया जा रहा है। ऐसे में वह भी गंतव्य तक कई घंटे देरी से पहुंच रही हैं। |
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