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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। नरेला सब-सिटी के विकास को नई रफ्तार देते हुए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने शनिवार को गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) और दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी (DeTU) को उनके नए कैंपस के लिए जमीन का कब्जा सौंप दिया। इस मौके पर दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना और शिक्षा मंत्री आशीष सूद मौजूद रहे।
उपराज्यपाल और शिक्षा मंत्री ने दोनों विश्वविद्यालयों को बधाई देते हुए कहा कि नरेला में नए कैंपस खुलने से न सिर्फ दिल्ली बल्कि देशभर के छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा मिलेगी और दिल्ली उच्च शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में और मजबूत होगी।
कितनी जमीन, कितनी रकम
दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी (DeTU) को नरेला सेक्टर G-2/G-6 में 12.69 एकड़ जमीन दी गई है, जिसके लिए दिल्ली सरकार ने DDA को 92.16 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) को 22.43 एकड़ जमीन सौंपी गई है, जिसके बदले 162.90 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।
DeTU फिलहाल मुखर्जी नगर के एक स्कूल भवन से संचालित हो रही है, जहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। नया कैंपस बनने के बाद विश्वविद्यालय को अपनी समर्पित और आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर सुविधा मिल सकेगी। वहीं GGSIPU अब नरेला में अपना तीसरा कैंपस स्थापित करेगा। अभी इसके कैंपस द्वारका और सूरजमल विहार में हैं।
पिछली सरकार पर साधा निशाना
डीडीए ने बताया कि जनवरी 2024 में ही इन विश्वविद्यालयों को जमीन आवंटित कर दी गई थी, लेकिन तत्कालीन केजरीवाल सरकार ने जमीन के बदले कोई भुगतान नहीं किया, जिससे यह परियोजना ठप पड़ी रही। उपराज्यपाल द्वारा कई बार अनुरोध किए जाने के बावजूद बजट में प्रावधान नहीं किया गया, जिसके चलते जमीन आवंटन को रोकना पड़ा।
नई सरकार ने खोला रास्ता
नई सरकार ने अपने पहले बजट में विश्वविद्यालयों के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया, जिसमें से अब तक 452 करोड़ रुपये DDA को दिए जा चुके हैं। इसके अलावा संशोधित अनुमान (RE) में भी 500 करोड़ रुपये और स्वीकृत किए गए हैं।
उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने शिक्षा को 19% बजट देने पर दिल्ली सरकार की सराहना करते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हर नागरिक का अधिकार है, और वर्तमान सरकार इसे ज़मीन पर उतार रही है।
नरेला बनेगा एजुकेशन सिटी
जनवरी 2024 में ही नरेला में 181 एकड़ जमीन सात सरकारी विश्वविद्यालयों और संस्थानों को आवंटित की गई थी। सभी संस्थानों को आसपास ही जमीन दी गई है, ताकि साझा लाइब्रेरी और स्पोर्ट्स जैसी सुविधाओं का उपयोग कर संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो सके।
नवंबर 2025 में DDA ने नरेला सब-सिटी में यूनिवर्सिटी कैंपस के लिए भूमि उपयोग परिवर्तन को भी मंजूरी दे दी थी। यह क्षेत्र अर्बन एक्सटेंशन रोड-I और प्रस्तावित रिठाला–नरेला–कुंडली मेट्रो कॉरिडोर के पास स्थित है, जिससे यहां पहुंच और कनेक्टिविटी और बेहतर होगी। इन प्रयासों से नरेला को दिल्ली के उभरते हुए एजुकेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर हब के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
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