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जागरण संवाददाता, मोदीपुरम (मेरठ)। पल्लवपुरम फेज-दो स्थित एस पाकेट में शनिवार को आवारा खूंखार कुत्तों को पकड़ने पहुंची नगर निगम टीम का एक व्यक्ति ने विरोध कर हंगामा किया। शोर मचाते हुए उसने कुत्तों को न पकड़ने की चेतावनी दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत किया। टीम खूंखार दो कुत्ते को पकड़कर ले गई।
फेज-दो स्थित एस पाकेट में एक सप्तह के भीतर बीएल लाल, सीमा राघव और एक पांच साल की बच्ची तश्वी जैन पर आवारा खूंखार कुत्तों ने हमला कर जख्मी कर दिया था। स्थानीय पार्षद विक्रांत ढाका की शिकायत पर नगर निगम की टीम शनिवार को आवारा कुत्तों को पकड़ने एस पाकेट में पहुंची। इस दौरान कालोनी निवासी सिर्फ एक व्यक्ति ने कुत्तों को पकड़ने का विरोध किया, जबकि पूरी कालोनी कुत्तों को पकड़ने के पक्ष में थी।
मशक्कत कर टीम ने दो खूंखार कुत्तों को पकड़ लिया, मगर बाकी दो कुत्ते वहां से भाग गए। टीम कुत्तों को पकड़ने उनके पीछे भी दौड़ी, मगर टीम भागे दो कुत्तों को पकड़ नहीं पाई। विरोध और हंगामे की सूचना पर डायल-112 पुलिस और थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। मामले को शांत कर टीम को वहां से भेजा।
स्थानीय पार्षद विक्रांत ढाका ने बताया कि खूंखार कुत्तों ने एक सप्ताह में एक बच्ची समेत तीन लोगों पर हमला किया है। कुत्तों को पकड़ने पहुंची टीम का एक व्यक्ति ने विरोध किया, पुलिस के आने पर वह शांत हो गया। टीम दो कुत्तों को पकड़कर ले गई, बाकी दो कुत्ते भाग गए।
महिला को कुत्ते ने काटा
उधर, महिला संगीता बागपत रोड स्थित वासु ग्रीन कालोनी में काम से आई थीं। वापस घर जाते समय पीछे से आए कुत्ते ने उनके पैर में काट लिया। लोगों ने कुत्ते को खदेड़ा। जिला अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाए गए। क्षेत्रीय पार्षद राजेंद्र उपाध्याय से स्थानीय लोगों ने नगर निगम की टीम बुलाकर कुत्तों को पकड़वाने की मांग की है। पार्षद ने कहा कि आवारा कुत्तों की संख्या दिनोंदिन बढ़ रही है। निगम इसकी रोकथाम को कुत्तों का बंध्याकरण अभियान नहीं चला रहा, जिससे स्थिति गंभीर हो रही है।
आवारा कुत्तों से प्रभावित विद्यालय होंगे चिह्नित, प्रधानाचार्यों को निर्देश
उधर, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रम में आवारा कुत्तों से प्रभावित स्कूल चिह्नित किए जाएंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक ने दो सप्ताह में सभी प्रधानाचार्यों से इसकी जानकारी मांगी है। यह निर्देश सभी राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों, सीबीएसई एवं आइसीएसई बोर्ड के प्रधानाचार्यों को जारी किए हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार ने कहा है कि संबंधित स्थानीय निकायों के माध्यम से दो सप्ताह में आवारा कुत्तों से प्रभावित विद्यालयों की पहचान की जाएगी। अधिकतम आठ सप्ताह में सुनिश्चित किया जाएगा कि चारदीवारी, गेट आदि व्यवस्थाओं के कारण विद्यालय परिसर आवारा कुत्तों के प्रवेश एवं आश्रय से सुरक्षित हैं। |
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