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गाजीपुर में 17 ब्लैक स्पॉट की हुई पहचान, तीन साल में हुए 140 हादसे; चली गई 90 की जान

LHC0088 2026-1-10 16:56:46 views 1080
  



जागरण संवाददाता, गाजीपुर। जिले में सड़क हादसों को रोकने के लिए तीन वर्ष पूर्व चिन्हित किए गए 17 ब्लैक स्पाट आज भी प्रशासनिक उदासीनता के शिकार हो गए हैं। इन खतरनाक स्थलों पर पिछले तीन वर्षों के दौरान 140 हादसे हुए जिसमें 90 लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से अब तक ठोस और प्रभावी सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं। ब्लैक स्पाट वे स्थान होते हैं, जहां बार-बार दुर्घटनाएं होती हैं और जान-माल का नुकसान होता है।

नियमों के अनुसार इन स्थानों पर संकेतक बोर्ड, स्पीड ब्रेकर, सड़क चौड़ीकरण, रोशनी और अन्य सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए थे, लेकिन अधिकांश जगहों पर हालात जस के तस बने हुए हैं। प्रत्येक वर्ष इन ब्लैक स्पाट्स को चिह्नित करने के साथ ही सुरक्षा के उपाय किये जाने का निर्देश भी जारी होता था। इस वर्ष भी परिवहन विभाग की ओर से चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा अभियान में यह निर्देश दिया गया है कि ब्लैक स्पाट्स पर सभी आवश्यक प्रबंध किए जाएं ताकि होने वाले हादसे पर रोक लगे।

वाराणसी हाइवे पर सबसे अधिक 12 ब्लैक स्पाट

परिवहन विभाग के अनुसार जिले में कुल 17 ब्लैक स्पाट हैं। कासिमाबाद के बड़ौरा चट्टी को छोड़ दिया जाए तो सभी नेशनल हाइवे पर ही ब्लैक स्पाट हैं। इसमें भी सबसे अधिक 12 ब्लैक स्पाट वाराणसी-गाजीपुर फोरलेन पर है, जो तीन वर्ष पहले ही चिह्नित किए गए थे और आज भी हैं।

सड़क हादसे - आंकड़े

    वर्ष हादसे घायल मौतें
   
   
   2022
   46
   29
   30
   
   
   2023
   53
   30
   29
   
   
   2024
   44
   25
   31
   

  

यहां है ब्लैक स्पाट
: वाराणसी-गोरखपुर राजमार्ग - महाराजगंज, औड़िहार, नसीरपुर, जौहरगंज, पियरी, नैसारा, रामपुर बंतरा, पहाड़पुर, देवकली, शेखपुर, अरशदपुर, करदह कैथवली।
: ताड़ीघाट-बारा राजमार्ग - भदौरा, बारा।
: गाजीपुर-जमानियां राजमार्ग - गाजीपुर घाट।
: गाजीपुर-बलिया राजमार्ग - गौसपुर।
: कासिमाबाद-मऊ मार्ग - बड़ौरा चट्टी।
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