cy520520 • The day before yesterday 18:27 • views 697
सीबीएसई स्कूलों के लिए सब कैडर बनाने के लिए नियम तय कर दिए हैं। प्रतीकात्मक फोटो
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) स्कूलों के लिए सब कैडर बनाने के लिए नियम तय कर दिए गए हैं। पहले सब कैडर में आने के लिए पांच वर्ष सेवाकाल शेष होने की शर्त थी। इसे घटाकर तीन वर्ष किया गया है। शिक्षक भी इसकी मांग कर रहे थे। इसकी मंजूरी से शिक्षकों ने राहत की सांस ली है।
सब कैडर के लिए नियम को अंतिम रूप देने का कार्य चला हुआ है। विभाग सोमवार या मंगलवार को इसकी विस्तृत गाइडलाइन जारी कर देगा।
कब होगी परीक्षा
सब कैडर में शिक्षकों के आने के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से संभवत: फरवरी के अंतिम सप्ताह में होगा। मार्च में दसवीं व 12वीं बोर्ड कक्षाओं की परीक्षाएं होनी हैं। इससे पहले ही विभाग इस परीक्षा को आयोजित करेगा, ताकि सभी शिक्षकों को इन परीक्षा में भाग लेने का मौका मिल सके।
सीबीएसई अलाउंस भी मिलेगा
सरकार ने निर्णय लिया है कि सीबीएसई स्कूलों में गणित व अंग्रेजी विषयों के चार-चार शिक्षक होंगे। इसके लिए 800 पदों को भरने की मंजूरी मिल चुकी है। ये पद आउटसोर्स के आधार पर भरे जाएंगे। सब कैडर में आने वाले शिक्षकों को सरकार सीबीएसई अलाउंस भी देगी।
प्रधानाचार्यों के लिए यह पांच हजार व प्रवक्ता, टीजीटी, सीएंडवी व अन्य श्रेणियों के लिए तीन हजार रुपये होगा। इन स्कूलों में जो शिक्षक नियुक्त होंगे, उनका सेवाकाल 10 साल प्रस्तावित किया गया है।
125 स्कूल बन सकते हैं सीबीएसई
राज्य सरकार ने पहले साल 100 स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करने का निर्णय लिया था। अब इसकी संख्या 125 हो सकती है। विधायकों व मंत्रियों की ओर से अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए कुछ और स्कूल प्रस्तावित किए गए हैं। जिससे संख्या बढ़ रही है। अभी तक 97 स्कूलों को संबद्धता मिल चुकी है। दो पर सीबीएसई ने आपत्तियां लगाई हैं। 25 नए स्कूलों ने संबद्धता के लिए आवेदन करना है। इन्हें दो दिन औपचारिकता पूरी करने के लिए दिए गए थे। सोमवार से आनलाइन आवेदन स्कूल शिक्षा निदेशालय से किया जाएगा।
यह भी पढ़ें: संजौली मस्जिद में वक्फ बोर्ड व कमेटी ने हटाया अवैध निर्माण, हिमाचल हाई कोर्ट के आदेश पर तीसरी मंजिल की छत तोड़ी
यह भी पढ़ें: शिमला: क्योंथल रियासत के राजमहल से निकले देवता जुन्गा के खंडित मोहरे, बेशकीमती खजाना भी जला; ...200 नहीं 800 साल पुराना महल |
|