रेलवे क्रासिंंग
जागरण संवाददाता, बरेली। जिले में भिटौरा-बहेड़ी मार्ग पर रेलवे फाटक संख्या 371 बी पर डबल लेन ओवरब्रिज बनवाने का रास्ता साफ हो गया है। सेतु निगम और लोक निर्माण विभाग की ओर से ओवरब्रिज के लिए 66.21 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। शासन ने इस संयुक्त प्रस्ताव पर सहमति दे दी है।
अब इसके लिए रेलवे की सहभागिता और अनुमति लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। रेलवे की सहमति और सहभागिता से ही निर्माण आरंभ हो सकेगा। भिटौरा-बहेड़ी मार्ग स्थित रेलवे फाटक पर ट्रेनों के जाने-जाने के समय लंबा जाम लगता है। क्षेत्रीय लोगों की ओर से यहां ओवरब्रिज बनवाने की मांग कई वर्षों से उठ रही थी।
जन प्रतिनिधि भी यह मुद्दा उठाते आ रहे थे। आवागमन आसान बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग और सेतु निगम ने सर्वे कराकर डबल लेन ओवरब्रिज निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा था। शासन ने जिलाधिकारी से भी इसकी रिपोर्ट मांगी थी। महीनों मंथन के बाद वित्तीय कमेटी ने रेलवे की सहभागिता से 66 करोड़ 21 लाख 67 हजार रुपये की लागत से ओवरब्रिज निर्माण की सहमति दे दी है।
नाथ कारिडोर में अंडरपास की नहीं मिली स्वीकृति
योगी सरकार आस्था के साथ पर्यटन विकास के लिए शहर में नाथ कारिडोर का निर्माण करा रही है। परियोजना में शामिल सात नाथ मंदिरों को आपस में जोड़ने के लिए भी बजट का आवंटन हुआ था। छह मंदिरों को तो जोड़ दिया गया, लेकिन तपेश्वर नाथ मंदिर को जोड़ने वाले मार्ग का चौड़ीकरण कराने के लिए अंडरपास बनवाने के लिए 54 करोड़ रुपये का एस्टीमेट शासन को भेजा गया है।
रेलवे यार्ड से होकर बनने वाले अंडरपास और सड़क चौड़ीकरण में रेलवे कालोनियों के 125 आवास तोड़े जाने का प्रस्ताव शामिल है। रेलवे की नार्थ कालोनी से साउथ कालोनी होते हुए सुभाषनगर पुलिया तक निर्माण कराकर कारिडोर को मंदिर तक पहुंचाया जाएगा। शासन से अंडरपास की न तो अभी तक स्वीकृति मिली है और न ही बजट का आवंटन हो सका है।
भिटौरा-बहेड़ी मार्ग पर रेलवे फाटक पर डबल लेन ओवरब्रिज बनवाने की सरकार ने स्वीकृति दे दी है। रेलवे की सहभागिता से इसका निर्माण कराया जाएगा। नाथ कारिडोर में रेलवे यार्ड से होकर अंडरपास का निर्माण कराने के लिए एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया है, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिल सकी है।
- भगत सिंह, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग
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