वेनेजुएला में निवेश से तेल कंपनियों ने खड़े किए हाथ (फोटो- रॉयटर)
न्यूयॉर्क टाइम्स, वाशिंगटन। वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई करते समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने वहां के तेल भंडार का दोहन करने के लिए यह कदम उठाया है। लेकिन, अब अमेरिका की तेल कंपनियों के रुख से उन्हें झटका लग सकता है।
अमेरिकी तेल कंपनियों ने वेनेजुएला में निवेश करने से हाथ खड़े किए
अमेरिकी तेल कंपनियों ने वेनेजुएला में निवेश करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है कि वर्तमान परिदृश्य में वहां पर निवेश करना घाटे का सौदा होगा। इस बैठक की एक खास बात यह भी रही कि ट्रंप ने अचानक मुद्दा बदल दिया और अपने ड्रीम प्रोजेक्ट पर बातचीत करने लगे।
राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस में तेल कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ मुलाकात की और वेनेजुएला के ऊर्जा क्षेत्र में बड़े निवेश का अनुरोध किया।
100 अरब डॉलर निवेश करें
आगे कहा कि इससे बहुत पैसा कमाया जा सकता है। वह चाहते हैं कि अमेरिका और यूरोप की बड़ी तेल कंपनियां कम से कम 100 अरब डॉलर निवेश करें। हालांकि, इस बैठक के बाद भी यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि तेल कंपनियां इस अनुरोध को पूरा करेंगी या नहीं।
एक्सान मोबिल और कानोकोफिलिप्स जैसी बड़ी तेल कंपनियों के पास वेनेजुएला का तेल उत्पादन बढ़ाने के लिए आवश्यक धन और विशेषज्ञता है। फिर भी उन्होंने वेनेजुएला में बड़ी पूंजी लगाने को लेकर संदेह व्यक्त किया।
ट्रंप द्वारा बड़ी तेल कंपनियों से 100 अरब डॉलर के निवेश का वादा करने के बाद बैठक में शामिल कंपनियों के दो अधिकारियों ने चेतावनी दी कि उन्हें ऐसी किसी प्रतिबद्धता की जानकारी नहीं है। एक्सान के सीईओ डैरेन वुड्स ने बेहद स्पष्ट शब्दों में अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा, वहां हमारी संपत्ति दो बार जब्त हो चुकी है। इसलिए आप कल्पना कर सकते हैं कि तीसरी बार वहां प्रवेश करने के लिए बहुत बड़े बदलावों की आवश्यकता होगी। आज की तारीख में वहां निवेश करना संभव नहीं है।
हालांकि, उन्होंने व्हाइट हाउस को सुलह का प्रस्ताव देते हुए कहा कि अगर सुरक्षा गारंटी मिलती है तो एक्सान अगले कुछ सप्ताह के भीतर खोज दल वेनेजुएला भेजने के लिए तैयार है। अन्य अधिकारी भी इसी तरह सतर्क थे।
राष्ट्रपति द्वारा दबाव डाले जाने पर ओक्लाहोमा के तेल कारोबारी और ट्रंप के करीबी सहयोगी हेरोल्ड हैम ने भी वेनेजुएला में काम करने की प्रतिबद्धता जताने से इन्कार कर दिया।
कहा कि वेनेजुएला के सामने अपनी चुनौतियां भी हैं। तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ यह बैठक चल ही रही थी कि अचानक ट्रंप ने चर्चा रोक दी। वह ईस्ट रूम की खिड़की के पास चले गए, जहां से वह अपनी पसंदीदा परियोजना-लंबे समय से प्रतीक्षित व्हाइट हाउस बालरूम की प्रगति का जायजा लेना चाहते थे।
उन्होंने कहा-आज मुझे व्हाइट हाउस में दुनिया के लगभग दो दर्जन सबसे बड़े और सम्मानित तेल और गैस अधिकारियों का स्वागत करते हुए बेहद खुशी हो रही है। कई अन्य लोग भी हैं जो अंदर नहीं आ सके। अगर हमारे पास एक बड़ा हाल होता, तो एक हजार से भी ज्यादा लोग होते। मुझे कभी पता नहीं था कि आपके उद्योग में इतने लोग हैं। लेकिन देखिए, हम यहां हैं। अगर आप देखें..तो जरा सोचिए। खैर, मुझे भी इसे देखना होगा। यह कहकर ट्रंप अपनी कुर्सी से उठकर ईस्ट रूम की खिड़की से बाहर झांकने लगे, जहां बालरूम का निर्माण चल रहा था। उन्होंने कहा-वाह, क्या नजारा है! यह बालरूम का दरवाजा है।
तेल से अर्जित राजस्व जब्त करने पर रोक
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किया है, जिसका उद्देश्य अदालतों या लेनदारों को अमेरिकी ट्रेजरी खातों में जमा वेनेजुएला के तेल की बिक्री से अर्जित राजस्व को जब्त करने से रोकना है। आपातकालीन आदेश में कहा गया है कि विदेशी सरकारी जमा निधियों में रखे गए इस राजस्व का उपयोग वेनेजुएला में शांति, समृद्धि और स्थिरता लाने के लिए किया जाना चाहिए। |
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