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दिल्ली में जाली दस्तावेजों से लोन धोखाधड़ी करने वाले सिंडिकेट का पर्दाफाश, गिरोह के 3 सदस्य गिरफ्तार

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सांकेतिक तस्वीर।



जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने वाहन लोन लेने के लिए जाली दस्तावेज का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर बैंक लोन धोखाधड़ी में शामिल एक संगठित सिंडिकेट के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों ने धोखे से लोन लिया और बेईमानी की नीयत से वाहन खरीदकर उन्हें बेच दिए।

आरोपितों ने वाहन लोन लेने के लिए पहले अलग-अलग नामों से जाली आधार कार्ड व पैन कार्ड बनवाया फिर उन्हीं नामों से आइटीआर भरने के भी जाली दस्तावेज बनवाए और जाली दस्तावेज के आधार पर पांच वाहन खरीद कर बेच दिए। इनके कब्जे से फिलहाल पांच वाहन मर्सिडीज, ब्रेज़ा, अल्ट्रोज़, स्कार्पियो-एन और टोयोटा हिलक्स बरामद किए गए हैं।

क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी के मुताबिक एसीपी अनिल शर्मा, इंस्पेक्टर संदीप सिंह व विनय कुमार की टीम को 25 दिसंबर को जाली दस्तावेज का इस्तेमाल कर वाहन लोन लेने में शामिल एक संगठित सिंडिकेट के बारे में जानकारी मिली।
जानबूझकर करते थे डिफॉल्ट

जांच में पता चला कि लोन मिलने के बाद, आरोपितों ने जानबूझकर रीपेमेंट में डिफाल्ट किया। ट्रैकिंग से बचने के लिए वाहनों को अलग-अलग राज्यों में री-रजिस्टर कराया गया। अमन कुमार नाम के शख्स ने राहुल कपूर, श्याम सुंदर, राय कपूर आदि नामों से जाली दस्तावेज बनाकर उनके नाम पर बैंक खाते खोले और वाहन लोन लिए।

आधार और पैन कार्ड की जांच से सही पहचान की पुष्टि हुई, क्योंकि कई पहचानों में तस्वीरें आरोपित से मेल खाती थीं। जांच के बाद अमन कुमार के घर पर छापा मारा गया, जिससे जाली दस्तावेज और वाहन से संबंधित रिकार्ड बरामद हुए। यह साबित हुआ कि उसने धोखे से वाहन लोन लिया, वाहन खरीदे और बेईमानी की नीयत से उन्हें बेच दिया।

जिसके बाद क्राइम ब्रांच में विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया। जांच के बाद बीते शुक्रवार को अमन उर्फ श्याम सुंदर उर्फ राहुल कपूर को तिलक नगर से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने बताया कि वह पहचान छिपाने के लिए कई नकली नाम, पहचान और पते इस्तेमाल कर रहा था।

जानबूझकर पेमेंट न करने के कारण बाद में इन लोन को नान-परफार्मिंग एसेट्स (एनपीए) घोषित कर दिया गया। लोन पर वाहन खरीदने के बाद, उसने उन्हें अलग-अलग लोगों को बेच दिया। उससे पूछताछ के बाद दूसरे आरोपित धीरज, नजफगढ़ को गिरफ्तार किया गया।
नकली पहचान से बनाते थे बैंक अकाउंट

पूछताछ में पता चला कि वह अमन के साथ मिलकर कई नकली पहचान, जैसे आलोक और सिद्धार्थ, का इस्तेमाल करके जाली पैन कार्ड, आधार कार्ड और जाली आइटीआर का इस्तेमाल करके बैंक खाते खोले थे।

इन खातों का इस्तेमाल वाहन लोन लेने के लिए किया गया था, जिनका बाद में जानबूझकर पेमेंट नहीं किया गया। बाद में वाहनों को अलग-अलग लोगों को बेच दिया गया। जांच में धीरज ने बताया कि जाली आधार कार्ड साई दस्तावेज सेंटर में बनाए जाते थे।

टीम ने दुकान का दौरा कर मालिक से पूछताछ कर नरेश कुमार, नजफगढ़ को गिरफ्तार कर लिया। अमन की निशानदेही पर तीन गाड़ियां टाटा अल्ट्रोज़, मारुति ब्रेज़ा व मर्सिडीज-बेंज मिली। धीरज से भी दो गाड़ियां स्कार्पियो-एन व टोयोटा हिलक्स बरामद की गई।

नरेश के पास से एक मोबाइल फोन, आई स्कैनर, बायोमेट्रिक स्कैनर, वेब कैमरा, पीवीसी कार्ड मशीन बरामद की गई।

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