संवाद सूत्र, कहलगांव। प्रखंड क्षेत्र में झोलाछाप डाक्टरों की भरमार है। यह हम नहीं कह रहे विभाग के आकड़ों से इसकी पुष्टि भी हो रही है। शहरी और ग्रामीण इलाकों को मिलाकर वर्तमान में करीब तीन दर्जन से अधिक अवैध अस्पतालों का संचालन कहलगांव में हो रहा है। जबकि महज विभाग में छह अस्पतालों के रिकार्ड रजिस्टर्ड है।
अनुमंडल में अवैध तरीके से संचालित इन अस्पतालों पर नकेल कसने को लेकर न तो किसी अधिकारियों के द्वारा कार्रवाई की जाती है न ही जांच होती है।
इतना ही नहीं इन अस्पतालों को चलाने वाले फर्जी डाक्टर दलालों के बल पर न केवल गंभीर गरीब मरीजों को फंसा कर मोटी रकम की उगाही करते है, बल्कि मरीजों को यूट्यूब पर वीडियो देखकर चीरफाड़ कर जान तक ले ले रहे हैं।
मरीजों की जान चली जाने पर स्वजन के द्वारा तत्काल हंगामा मचाया जाता है, फिर जांच के नाम पर महज खानापूर्ति कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देते हैं।
बताया जा रहा है कि सालों से ऐसे अस्पतालों का संचालन अनुमंडल के शहरी व ग्रामीण इलाकों में धड़ल्ले से हो रहा है। अब तक करीब ऐसे आधा दर्जन से अधिक मरीजों की मौत भी इन फर्जी डाक्टरों के इलाज व अवैध अस्पतालों में फंसने से हो चुकी है। लेकिन आज तक किसी भी मामले में कोई ठोस कार्रवाई संभव नहीं हो सकी है।
क्या है ताजा मामला
झारखंड के गोड्डा जिला के ठाकुर गंगटी थाना के मोडिया गांव निवासी विक्रम साह की पत्नी स्वाति देवी मायके खड़हरा आई थी। गुरुवार रात प्रसव पीड़ा होने पर स्वजन उसे रसलपुर थाना क्षेत्र के एकचारी श्रीमठ में झोलाछाप चिकित्सक अमर कुमार के क्लिनिक ले गए। जहां झोलाछाप चिकित्सक ने अपने मोबाइल पर यूट्यूब देख कर प्रसूता का ऑपरेशन किया। जब महिला की स्थिति बेहद नाजुक हो गई, तब बेहतर इलाज के लिए तुरंत भागलपुर ले जाने की सलाह दी और आनन-फानन में क्लिनिक बंद कर फरार हो गया। मृतका की मां सुषमा देवी ने बताया कि डाक्टर ने नार्मल डिलीवरी के बदले सिजेरियन ऑपरेशन को जरूरी बताया और 30 हजार रुपये वसूल लिए। ऑपरेशन के बाद उसकी बेटी की मौत हो गई। बताया गया कि यह अवैध क्लिनिक रसलपुर के रंजीत मंडल के पुत्र अमर कुमार द्वारा आमोद साह के मकान में महिनों से चलाया जा रहा है। अमर कुमार ही यहां मरीजों का इलाज व ऑपरेशन करता है। इस क्लिनिक में दलाल के तौर पर एक महिला और एक पुरुष को नर्स-कंपाउंडर के नाम पर रखा गया है। हंगामे के बाद पुलिस ने अवैध क्लिनिक को सील कर दिया गया। हलांकि आरोपित झोलाछाप डाक्टर की गिरफ्तारी पुलिस नहीं कर सकी।
अस्पताल संचालक अमर सहित तीन अज्ञात पर केस
रसलपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत एकचारी श्रीमठ के पास संचालित अवैध क्लिनिक में झोला छाप चिकित्सक के द्वारा एक गर्भवती महिला की सिजेरियन ऑपरेशन के बाद हुई मौत के मामले को लेकर मृतिका प्रसूता स्वाति देवी की मां कविता देवी ने थाना में क्लिनिक संचालक अमर कुमार एवं तीन अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। क्लिनिक संचालक अब तक फरार है। चर्चा है कि पुलिस ने एक आशा कार्यकर्ता को पूछताछ के लिए थाना में बैठा कर रखा था जिसे छोड़ दिया गया है। आशा कार्यकर्ता पर ही अवैध क्लिनिक में गर्भवती को प्रसव के लिए भर्ती कराने का आरोप लगाया गया है।
अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक ने की जांच
कहलगांव अनुमंडल अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. पवन कुमार गुप्ता ने मामले की जांच की। वे अवैध क्लिनिक की जांच के लिए भी पहुंचे लेकिन क्लिनिक बंद था। आसपास के लोगों व मृतक के मायके जाकर उन्होंने स्वजन से मिलकर घटना की जानकारी ली। साथ ही नवजात शिशु के स्वास्थ्य की भी जांच की।
मृतक की मां कविता देवी ने प्रभारी उपाधीक्षक को बताया कि पंचायत की आशा कार्यकर्ता मुन्नी कुमारी ने ही झोलाछाप की क्लीनिक में भर्ती कराया था। उन्हीं के कहने पर वहां से इलाज चल रहा था। ऑपरेशन के नाम पर तीस हजार रुपए डाक्टर ने लिया था।
आशा कार्यकर्ता पर भर्ती कराने का आरोप
प्रसूता की मौत मामले में आशा कार्यकर्ता मुन्नी कुमारी के द्वारा सरकारी अस्पताल के बदले अवैध अस्पताल में भर्ती कराने और इलाज करवाने का आरोप स्वजन के द्वारा लगाया गया है। प्रभारी उपाधीक्षक के पास स्वजन ने इनकी शिकायत की है। अब देखने वाली बात होगी कि इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के द्वारा अवैध संचालित हो रहे अस्पतालों पर किस तरह की कार्रवाई की जाती है।
अपने लाभ के लिए आशा कार्यकर्ता मुन्नी ने प्रसूता को अस्पताल ले गई थी। मुन्नी कुमारी के उपर विभागीय कार्यवाही होगी। सिविल सर्जन को मामले की विस्तृत रिपोर्ट भेज कार्य से मुक्त कराने के लिए लिखा जाएगा। अवैध क्लिनिक, पैथोलाजी आदि की जांच का आदेश मिला है। जांच कर सख्त कार्यवाही की जाएगी। -डॉ. पवन कुमार गुप्ता, अस्पताल प्रभारी उपाधीक्षक, कहलगांव |
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