किसान की मौत के बाद सम्मान निधि की धनराशि लौटानी होगी।
जागरण संवादाता, ग्रेटर नोएडा। प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना के तहत मृतक के आश्रित को मृतक के खाते में आई धनराशि वापस विभाग के खाते में जमा किए बिना योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
आश्रितों को योजना का लाभ लेने के लिए मृतक के खाते में आई धनराशि के साथ ही मृत्यु प्रमाण पत्र, आधार कार्ड के साथ ही अन्य दस्तावेज विभाग को देने होंगे। आवेदन करने के बाद योजना का नए सिरे से आवेदन करने के बाद ही मृतक के आश्रितों को योजना का लाभ दिया जाएगा।
विभाग के पास डेढ सौ के करीब ऐसे मामले सामने आए हैं जिन किसान की मौत के बाद सम्मान निधि की धनराशि पहुंची है। संज्ञान में आने के बाद कृषि विभाग अब मृतक आश्रितों से धनराशि के रिकवरी की तैयार कर रहा है। उप कृषि निदेशक राजीव कुमार ने बताया कि मृतक के आश्रितों को धनराशि के रिकवरी के नोटिस भी भेजे दिए गए हैं।
वहीं विभाग को आठ सौ के करीब ऐसे दंपती मिले हैं जो दोनों योजना का लाभ उठा रहे थे। विभाग ने ऐसे किसानों को भी चिह्नित करने के बाद वसूली के नोटिस जारी करते हुए उनके सम्मान निधि पर रोक लगा दी है।
पति-पत्नी में से किसी एक को मिलेगा लाभ
दरअसल पति-पत्नी दोनों के नाम 2019 या उससे पहले कृषि भूमि दर्ज हैं तो उनमें से एक ही सम्मान निधि योजना का लाभ उठा सकता है। हालांकि मुखिया की मृत्यु के बाद यदि चार बेटे हैं तो जमीन उनके नाम पर दर्ज हो जाने के बाद वह चारों योजना के तहत पात्र होंगे।
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