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दैनिक जागरण की ओर से स्वस्थ समाज सरोकार के तहत ओखला स्थित कार्यालय में आयोजित पाठक पैनल में चर्चा करते लोग। जागरण
जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। सोसाइटियों में पांच से छह दशक पुरानी सीवर और पेयजल लाइन हैं। इतने सालों में जनसंख्या का दबाव कई गुना बढ़ गया, जबकि पाइपलाइनों की क्षमता नहीं बढ़ाई गईं। कहने को हम नामचीन इलाकों में रहते हैं, लेकिन पीने को स्वच्छ पानी तक नहीं मिलता। शिकायतों के निवारण को जवाबदेही तय हों तो हालात सुधरे। ये बातें दैनिक जागरण की ओर से चल रहे हर बूंद हो स्वच्छ हर घूंट हो स्वस्थ अभियान के तहत दैनिक जागरण के ओखला कार्यालय में आयोजित पाठक पैनल में नई दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली के पाठकों ने कही।
पाठक पैनल में न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी के अरुण जग्गी ने कहा कि सीवर लाइन जाम हैं, कमर्शियल वाहनों और अवैध पार्किंग से सुरक्षा को खतरा बना हुआ है। ई-रिक्शा बिना लाइसेंस के धड़ल्ले से घूमते हैं। प्रसिद्ध इलाके में रहने और भारी कर देने के बावजूद मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।
ईस्ट आफ कैलाश से पवन शर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता तो मिल गई लेकिन लोग समस्याओं के जंजाल से आजाद नहीं हुए हैं। संबंधित विभागों व जन प्रतिनिधियों के पास शिकायत लेकर चक्कर काटते रहो कोई निदान नहीं होता।
साकेत से राकेश डबास ने कहा कि स्कूलों के बाहर खुले आम नशीले पदार्थों की बिक्री हो रही है। फुटपाथ पर रेहड़ी-पटरी वालों का कब्जा है।अजय वीर यादव ने कहा स्कूलों में स्वच्छ जलापूर्ति के प्रयास होने चाहिए। फतेहपुर बेरी से ऋषिपाल महाशय ने कहा सरकारी दफ्तरों तक में जल बोर्ड का पानी नहीं पहुंचता इससे बुरे हालात क्या होंगे।
जीएल वर्मा ने कहा कि 50 साल पहले पाइपलाइन डाली गई थी, तब से आबादी 10 गुना बढ़ चुकी है। टैंकर माफिया तभी फल-फूल रहे हैं। संदीप बिधूड़ी ने कहा हजारों का बिल भरने के बावजूद पानी भी नहीं मिल रहा है। धीर सिंह महाशय ने कहा कि इलाके में पानी की निकासी ही नहीं है।
मैदानगढ़ी से आए महावीर प्रधान ने कहा कि सालों पहले बूस्टर लगने से पानी मिलने लगा था। अवैध निर्माण कर बिल्डरों ने पाइपलाइन पर इतने कनेक्शन लगा दिए हैं कि पानी आगे पहुंचता ही नहीं। विनय गुप्ता ने कहा कि संगम विहार में पानी कि समस्या विकराल है। मनोज और विवेक ने कहा कि मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के प्रयास होने चाहिए। |
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