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सावधान! एसआईआर सूची के नाम पर APK फाइल भेज रहे साइबर ठग, क्लिक करते ही बैंक खाता हो जाएगा खाली

LHC0088 2026-1-12 09:26:06 views 1236
  

प्रतीकात्मक तस्वीर



जागरण संवाददाता, शामली। देशभर में चल रहे एसआईआर कार्य के चलते अब ठगों ने ठगी का नया तरीका निकाला है। कुछ दिन पहले निर्वाचन आयोग की ओर से एसआईआर सूची में नाम देखने के लिए वेबसाइट जारी की थी। अब ठगों ने उक्त वेबसाइट के जैसी ही फर्जी साइट बनाकर लोगों को जाल में फंसाना शुरू कर दिया है। साइबर क्राइम थाना पुलिस की ओर से आमजन को जागरूक किया जा रहा है। जिससे ठगी से बचाव किया जा सके।

अधिकतर लोग स्मार्ट फोन का इस्तेमाल करते है ऐसे में ठग लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए आए दिन नए-नए तरीके निकालते है। जैसे-जैसे लोग जागरूक हो रहे है। उससे भी तेजी के साथ ठग लोगों को जाल में फंसाने के नए तरीके बना देते है। अब ठगों ने एसआईआर को लेकर भी ठगी करने की योजना बनाई है।

पिछले दिनों भारत निर्वाचन आयोग की ओर से एसआईआर सूची देखने के लिए वेबसाइट जारी की गई। ठगों ने उक्त वेबसाइट के जैसी ही फर्जी वेबसाइट तैयार की है। साथ ही एसआईआर के नाम से एपीके फाइल भी तैयार की है। ऐसे में लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है।

ठगों की ओर से किसी भी व्यक्ति का मोबाइल हैक कर सूची भेजी जाती है। एपीके फाइल या एसआईआर का फर्जी लिंक भेजा जाता है। जैसे ही व्यक्ति लिंक या एपीके फाइल पर क्लिक करता है तो उसका मोबाइल फोन हैक हो जाता है। कुछ ही देर में ठग उसकी सभी बैंक संबंधी जानकारी हासिल करने के बाद उसका खाता खाली कर देते है।

इसके अलावा उसके व्हाट्सएप से अन्य कई परिचितों को भी लिंक और फाइल भेज देते हैं। जिससे अन्य लोगों को भी जाल में फंसा सके। ऐसे में साइबर क्राइम थाना पुलिस और साइबर सेल की ओर से आमजन को इंटरनेट मीडिया के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है।

साइबर सेल प्रभारी संजीव भटनागर ने बताया कि किसी भी फाइल या लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी जांच करना जरूरी है। यदि कोई एपीके फाइल भेज रहा है तो उसपर क्लिक करने से बचे और उसको मोबाइल फोन से डिलीट कर दें।

इनसे हुआ ठगी का प्रयास

शामली के मोहल्ला काका नगर निवासी राजू सैनी ने बताया की उनके मोबाइल फोन पर एपीके फाइल आई थी। जिसमें एसआईआर सूची होने की बात लिखी थी। जैसे ही फाइल को ओपन किया तो मोबाइल फोन हैक होने लगा। इस बीच उन्होंने व्हाट्सएप को डिलीट किया और फोन को रिसेट कर दिया। जिससे वह ठगों में जाल में फंसने से बच गए।

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ऐसे करें साइबर ठगी से बचाव

  • किसी भी व्यक्ति की ओर से भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें।
  • किसी भी अनजान व्यक्ति को ओटीपी या पासवर्ड साझा न करें।
  • यदि कोई व्हाट्सएप पर एपीके फाइल भेजे तो उसपर क्लिक न करें। ।
  • समय-समय पर अपने मोबाइल फोन, फोन-पे, ई-मेल आईडी का पासवर्ड बदलते रहे।
  • किसी भी अंजान नंबर से आने वाली वीडियो कॉल न उठाए।
  • यदि आपके साथ ठगी होती है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराए।
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