अज्ञात हाईवा की टक्कर से एक ही परिवार के चार युवकों की मौत।
संवाद सहयोगी, जागरण, गढ़वा। गढ़वा-रेहला मुख्य मार्ग पर रविवार की देर रात रफ्तार के कहर ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। बेलचंपा गांव के समीप एक अज्ञात हाईवा ने स्कार्पियो को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि वाहन में सवार चार युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
हादसा इतना भयावह था कि स्कार्पियो पूरी तरह चकनाचूर हो गई और चारों युवकों के शव लोहे के मलबे में फंस गए। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और मृतकों के गांवों में कोहराम मचा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि झारखंड में अवैध खनन में लगे हाईवा ऐसे ही बेलगाम हैं।
खुशियां मनाकर लौट रहे थे घर
जानकारी के अनुसार पलामू जिले के रहने वाले ये चारों युवक श्रीबंशीधर नगर थाना क्षेत्र के बिलासपुर गांव गए थे। वहां जितेंद्र पासवान की मौसेरी बहन की सगाई का कार्यक्रम था।
परिवार में उत्सव का माहौल था और सगाई की रस्में पूरी होने के बाद सभी युवक खुशी-खुशी स्कार्पियो से वापस घर लौट रहे थे। उन्हें क्या पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा।
जैसे ही उनकी गाड़ी बेलचंपा गांव के पास पहुंची, सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार अज्ञात हाईवा ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।स्थानीयलोगोंकाकहनाहैकिदेर रात हुआ हादसा महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि उस बेलगाम रफ्तार का नतीजा है जो अक्सर अवैध खनन के कारोबार में देखने को मिलती है।
कटर मशीन से निकाले गए शव
टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग सहम गए। स्थानीय लोगों ने देखा कि स्कार्पियो सड़क किनारे पिचक गई थी। हादसे के तुरंत बाद हाईवा चालक अंधेरे का फायदा उठाकर वाहन सहित मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही गढ़वा थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची।
वाहन की स्थिति इतनी खराब थी कि पुलिस को कटर मशीन बुलानी पड़ी। कड़ी मशक्कत के बाद गाड़ी के हिस्सों को काटकर चारों शवों को बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए गढ़वा सदर अस्पताल भेजा गया।
मृतकों की हुई पहचान, सभी करीबी रिश्तेदार
हादसे का शिकार हुए युवकों की पहचान पलामू और विश्रामपुर क्षेत्र के निवासियों के रूप में हुई है। इनमें लवर पांडु निवासी नरेंद्र कुमार पासवान और जितेंद्र पासवान शामिल हैं, जबकि दो अन्य युवक बादल पासवान और बिक्की कुमार विश्रामपुर के भंडार गांव के रहने वाले थे।
ये सभी आपस में करीबी रिश्तेदार थे। अस्पताल पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक साथ चार जवान बेटों की अर्थी उठने की खबर ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है।
प्रशासनिक कार्रवाई और आक्रोश
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि गढ़वा-रेहला मार्ग पर रात के समय भारी वाहनों की रफ्तार पर कोई नियंत्रण नहीं है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
पुलिस ने फिलहाल अज्ञात हाईवा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपी चालक की गिरफ्तारी की जा सके।
सड़क पर दौड़ते यमराज और सिस्टम की चुप्पी
- गढ़वा-रेहला मार्ग पर हुआ यह हादसा कोई संयोग नहीं, बल्कि उस खूनी खेल का नतीजा है जो रात के अंधेरे में अवैध बालू और कोयला खनन के जरिए खेला जाता है। इन दुर्घटनाओं के पीछे की कड़वी हकीकत पर एक नजर।
- पुलिस और टास्क फोर्स की पकड़ से बचने के लिए अवैध खनन में लगे हाईवा चालक वाहनों को अत्यधिक रफ्तार से दौड़ाते हैं।
- क्षमता से दोगुना बालू और कोयला लदे होने के कारण इन भारी वाहनों का कंट्रोल सिस्टम ऐन वक्त पर काम नहीं करता, जिससे भिड़ंत घातक हो जाती है।
- अक्सर इन वाहनों को अनुभवहीन चालक चलाते हैं, जो रात के समय नशे या नींद की हालत में सड़कों पर कहर बरपाते हैं।
- रात ढलने से पहले ज्यादा से ज्यादा चक्कर लगाने के चक्कर में ये वाहन रिहायशी इलाकों और मोड़ पर भी रफ्तार कम नहीं करते।
- स्थानीय लोगों का आरोप है कि चेक पोस्टों की ढिलाई और अवैध धंधे को मिलने वाले संरक्षण के कारण ये हाईवा बेखौफ होकर मुख्य सड़कों को डेथ जोन में तब्दील कर रहे हैं।
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