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ग्रेटर नोएडा में बनेगा उत्तर भारत का पहला ईएमसी, एक लाख से ज्यादा लोगों को मिलेगा रोजगार

deltin33 1 hour(s) ago views 1001
  

सांकेतिक तस्वीर। (सौजन्य- AI generated image)



जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। उत्तर भारत का पहला इलेक्ट्रानिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी) तीन साल में विकसित हो जाएगा। एक लाख से अधिक लोगों को रोजगार के साथ हजारों करोड़ का निवेश होगा। ईएमसी के विकास के लिए यमुना प्राधिकरण ने सेक्टर-10 में ढांचागत सुविधाओं का विकास शुरू कर दिया है।

सड़क, सीवर, बिजली से लेकर पेयजल आदि की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। ईएमसी के इकाई निर्माण के लिए कंपनियों को आवंटित भूखंड पर इसी वर्ष में काम शुरू हो जाएगा।

गौतमबुद्ध नगर देश में सबसे अधिक मोबाइल निर्माण कर रहा है। जिले को इलेक्ट्रानिक्स कंपोनेंट हब के तौर पर विकसित किया जा रहा है। इसमें यीडा में विकसित हो रही ईएमसी की अहम भूमिका होगी।

यीडा सेक्टर 10 में 206.40 एकड़ में ईएमसी के विकास पर 538.38 करोड़ लागत आएगी। इसमें केंद्र की हिस्सेदारी 144.38 करोड़ और यीडा 393.90 करोड़ खर्च करेगा। 206.40 एकड़ क्षेत्रफल में फैली ईएमसी में पचास प्रतिशत हिस्से पर ढांचागत विकास और शेष पचास प्रतिशत पर कंपनियों को इकाई लगाने के लिए भूखंडों का आवंटन किया है।
भूखंड आवंटन और एलओआइ हो चुके हैं जारी

हेवेल्स इंडिया लि. को 50 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। कंपनी 800 करोड़ का निवेश करेगी। हेवेल्स इंडिया लि. को ईएमसी में एंकर कंपनी के तौर पर चिह्नित किया गया है। एसेंट के सर्किट को 16 एकड़ जमीन आवंटित हुई है। इसमें 3800 करोड़ का निवेश और तीन हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा।

डिक्सन कंपनी को 22.49 एकड़ जमीन आवंटन के लिए आशय पत्र जारी हुआ है। कंपनी के आठ हजार करोड़ से अधिक निवेश करने की संभावना है। इसके अतिरिक्त पालीनामस, एडिटेक सेमीकंडक्टर प्रा. लि. और कायन्स सेमीकान प्रा. लि. को भी एलओआइ जारी हो चुके हैं। ईएमसी में शामिल कंपनियों को केंद्र सरकार की ईएमसी दो पालिसी के तहत सुविधाएं एवं रियायतें मिलेंगी।
ईएमसी की पहली योजना नहीं चढ़ सकी थी परवान

यीडा ने केंद्र सरकार की ईएमसी एक पालिसी के तहत लावा कंपनी की अगुवाई में ईएमसी विकसित करने की योजना तैयार की थी। इसके लिए सेक्टर 24 में जगह भी चिह्नित की गई थी, लेकिन कंपनी के पीछे कदम खींचने के कारण यह योजना परवान नहीं चढ़ पाई।

  

  


ईएमसी के लिए सेक्टर में ढांचागत सुविधाओं का विकास शुरू कर दिया गया है। तीन साल में ईएमसी में उत्पादन शुरू हो जाएगा। बड़ी संख्या में रोजगार सृजन के साथ ही इलेक्ट्रानिक्स कंपोनेंट के हब के तौर पर विकसित होगी।





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शैलेंद्र भाटिया, एसीईओ एवं निवेश सेल प्रभारी यीडा   
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