खरखौदा के सब-डिविजनल अस्पताल में जल्द ही ब्लड स्टोरेज यूनिट शुरू होगी।
जागरण संवाददाता, सोनीपत। खरखौदा के सब-डिविजनल अस्पताल में जल्द ही एक ब्लड स्टोरेज यूनिट शुरू की जाएगी, जिससे खरखौदा के हजारों मरीजों, खासकर गर्भवती महिलाओं को बड़ी राहत मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए एक औपचारिक प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही प्रशिक्षित स्टाफ की नियुक्ति और तकनीकी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
सब-डिविजनल अस्पताल में इमरजेंसी या सर्जरी के दौरान खून न मिलने के कारण, ज़्यादातर मरीजों को सोनीपत या रोहतक PGI रेफर करना पड़ता है। ब्लड स्टोरेज यूनिट खुलने के बाद रेफर करने की यह मजबूरी खत्म हो जाएगी। सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीजों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को खास तौर पर फायदा होगा। मरीजों को स्थानीय स्तर पर और समय पर खून मिल पाएगा, जिससे उनकी जान बचाना आसान हो जाएगा।
गर्भवती महिलाओं को सीधा फायदा
सिजेरियन डिलीवरी के दौरान तुरंत खून की ज़रूरत होती है। ऐसे मामलों में, महिलाओं को अक्सर दूसरे अस्पतालों में रेफर करना पड़ता था, जिससे अस्पताल में डिलीवरी की दर भी कम हो रही थी। कभी-कभी, सर्जरी के दौरान खून की कमी के कारण, अटेंडेंट को बाहर से खून का इंतज़ाम करना पड़ता था या मरीज को रेफर करना पड़ता था। अब, अस्पताल में यूनिट होने से सिजेरियन केस ज्यादा सुरक्षित और आसान हो जाएंगे।
ब्लड यूनिट के लिए मानदंड
- ब्लड यूनिट के लिए 10x10 वर्ग फुट का एक सुरक्षित कमरा दिया जाएगा।
- यूनिट की ज़िम्मेदारी दो विशेष रूप से प्रशिक्षित स्टाफ सदस्यों को सौंपी जाएगी।
- खून स्टोर करने वाले रेफ्रिजरेटर का तापमान अनिवार्य रूप से दो से छह डिग्री सेल्सियस के बीच बनाए रखा जाएगा।
- तापमान की निगरानी के लिए एक आधुनिक डिस्प्ले सिस्टम लगाया जाएगा ताकि तापमान में किसी भी बदलाव को तुरंत ठीक किया जा सके।
सब-डिविजनल अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हमारी प्राथमिकता है। ब्लड स्टोरेज यूनिट के लिए प्रस्ताव सरकार को भेज दिया गया है। जैसे ही हमें मुख्यालय से हरी झंडी मिलेगी, डॉक्टरों और लैब टेक्नीशियन को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। हमारा लक्ष्य मरीजों को समय पर खून उपलब्ध कराना है ताकि किसी भी इमरजेंसी में जान बचाई जा सके।
- डॉ. ज्योत्सना, सिविल सर्जन, सोनीपत |
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