ईरान में मचे बवाल से भारत पर क्या असर, चावल, चाय-चीनी ले लेकर दवाइयां तक हम क्या-क्या भेजते हैं; देखें लिस्ट
नई दिल्ली। ईरान में इस समय ईरान आंतरिक कलह से जूझ (Iran crisis) रहा है। अयातुल्ला अली खामनेई के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन चल रहा है। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए ईरान सरकार ने कार्रवाई भी कर रही है। लेकिन इसका असर नहीं दिख रहा है। लोग सड़कों पर उतर रहे हैं। सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए ईरान सरकार हर तरह के उपाय आजमा रही है। इन सबके बीच ईरान के अलग-अलग देशों से होने वाले व्यापार पर भी असर पड़ता दिख रहा है। भारत और ईरान के बीच भी व्यापार होता है। लेकिन विरोध प्रदर्शन के चलते इस पर असर पड़ रहा है। ईरान की दुकानों में भारत के सामान भरे पड़े हैं। चीन-चाय से लेकर चावल और दवाइयां तक सबकुछ भारत, ईरान को निर्यात करता है।
ईरान की यह अशांति किसी न किसी तरह भारत को भी प्रभावित कर रही है, क्योंकि वहां कोई भी अस्थिरता सीधे भारत के रणनीतिक और व्यापारिक हितों से जुड़ी है। लेकिन मिडिल ईस्ट देश में बढ़ती अशांति भारत के लिए खतरा कैसे बन सकती है? आइए समझते हैं।
ईरान को क्या-क्या बेचता है भारत?
भारत ईरान को कई तरह के प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट करता (India exports to Iran) है, जिनमें मुख्य कैटेगरी में बासमती चावल, चाय, चीनी, दवाएं, मसाले, अनाज, मशीनरी और ऑर्गेनिक केमिकल्स शामिल हैं।
कॉमर्स डिपार्टमेंट द्वारा शेयर किए गए डेटा के अनुसार, FY 2024-25 (अप्रैल 2024-मार्च 2025) में भारत-ईरान का द्विपक्षीय व्यापार लगभग $1.68 बिलियन तक पहुंच गया, जिसमें भारत ने $1.24 बिलियन का एक्सपोर्ट किया और $0.44 बिलियन का इंपोर्ट किया, जिससे नई दिल्ली को $0.80 बिलियन का ट्रेड सरप्लस हुआ।
| भारत से ईरान को निर्यात | मूल्य | वर्ष | | | | | | अनाज | $698.51M | 2024 | | खाद्य उद्योग के अवशेष, कचरा, पशु चारा | $149.49M | 2024 | | कॉफी, चाय, मेट और मसाले | $73.93M | 2024 | | खाने योग्य फल, मेवे, खट्टे फलों के छिलके, खरबूजे | $66.12M | 2024 | | मशीनरी, परमाणु रिएक्टर, बॉयलर | $32.65M | 2024 | | कार्बनिक रसायन | $29.17M | 2024 | | खाने योग्य सब्जियां और कुछ जड़ें और कंद | $28.55M | 2024 | | फार्मास्युटिकल उत्पाद | $24.90M | 2024 | | तिलहन, तैलीय फल, अनाज, बीज, फल | $21.59M | 2024 | | आवश्यक तेल, इत्र, सौंदर्य प्रसाधन, टॉयलेटरीज़ | $18.55M | 2024 | | मांस और खाने योग्य मांस के अंग | $17.98M | 2024 | | कांच और कांच के बर्तन | $10.89M | 2024 | | विविध खाद्य पदार्थ | $6.35M | 2024 | | अकार्बनिक रसायन, कीमती धातु यौगिक, आइसोटोप | $6.27M | 2024 | | मानव निर्मित फिलामेंट्स | $5.46M | 2024 | | ऑप्टिकल, फोटो, तकनीकी, चिकित्सा उपकरण | $4.36M | 2024 | | कपड़ों के सामान, बुने हुए या क्रोशिया से बने | $4.07M | 2024 | | विद्युत, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण | $3.99M | 2024 | | औजार, उपकरण, सामान्य धातु के कटलरी | $3.91M | 2024 | | विविध रासायनिक उत्पाद | $3.80M | 2024 | | शर्करा और चीनी कन्फेक्शनरी | $3.17M | 2024 | | मानव निर्मित स्टेपल फाइबर | $2.83M | 2024 | | सिरेमिक उत्पाद | $2.83M | 2024 | | नोट- यह डेटा tradingeconomics पर आधारितहै। |
भारत ने ईरान में ऐसे प्रोजेक्ट्स में बहुत ज्यादा पैसा लगाया है जो सेंट्रल एशिया, रूस और यूरोप तक अपनी पहुंच बढ़ाने पर फोकस करते हैं। इन प्रोजेक्ट्स में सबसे अहम ईरान के दक्षिण-पूर्वी तट पर चाबहार पोर्ट है। यह पोर्ट नई दिल्ली को अफगानिस्तान और मिडिल ईस्ट देशों तक सीधा रास्ता देता है, जिससे वह अपने सबसे बड़े दुश्मन पाकिस्तान को बायपास कर सके।
oec.world पर दिए गए आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर 2025 में, भारत से ईरान को एक्सपोर्ट की जाने वाली मुख्य चीजें थीं चावल - बासमती ($22.1M), ताजे फल ($6.2M), और चाय ($5.41M)।
अक्टूबर 2025 में, भारत ने ईरान से मुख्य रूप से ताजे फल ($15.9M), पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स ($7.99M), और बल्क मिनरल्स और अयस्क ($2.55M) इम्पोर्ट किए।
oec के अनुसार अक्टूबर 2025 में, भारत से ईरान को होने वाले एक्सपोर्ट में साल-दर-साल गिरावट का मुख्य कारण चावल - बासमती ($-26.6M या -54.6%), ग्लास और कांच के सामान ($-2.77M या -93.1%), और अन्य विविध इंजीनियरिंग आइटम ($-925k या -88.2%) का एक्सपोर्ट था।
उसी महीने में, ईरान से भारत के इंपोर्ट में गिरावट का मुख्य कारण अन्य कमोडिटीज ($384k या 443%), बल्क मिनरल्स और अयस्क ($317k या 14.2%), और तांबा और तांबे से बने प्रोडक्ट्स ($219k या 2.19M%) का इंपोर्ट था।
ईरान में अगर अगर प्रदर्शन नहीं रुकता तो इसका असर भारत के व्यापार पर पड़ सकता है
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