हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव पर हलचल तेज हो गई है। प्रतीकात्मक फोटो
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद पंचायत चुनाव के लिए हलचल तेज हो गई है। समय पर चुनाव हो सके इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग हिमाचल सरकार के मुख्य सचिव से चर्चा करेंगे। इसके लिए आयोग आयुक्त अनिल खाची ने पत्र लिखकर 20 जनवरी को बैठक का निर्देश दिया है।
खाची ने आयोग के अधिकारियों के साथ शिमला में सोमवार को बैठक कर आवश्यक निर्देश भी जारी किए। बैठक में प्रदेश के मुख्य सचिव संजय गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव आपदा प्रबंधन व राजस्व केके पंत, शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव देवेश कुमार और सचिव पंचायती राज सी पालरासु को बुलाया गया है।
20 जनवरी की बैठक अहम
राज्य निर्वाचन आयोग और प्रदेश सरकार में आपसी सहमति और सहयोग से समय पर चुनाव हो सकते हैं। 20 जनवरी को होने वाली अहम बैठक में चुनाव को लेकर सारी प्रक्रिया पर मंथन होगा और आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे।
कब जारी होगा आरक्षण रोस्टर
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार आयुक्त राज्य निर्वाचन आयोग अनिल खाची की अध्यक्षता में हुई बैठक में न्यायालय द्वारा पंचायतों और शहरी निकायों के चुनाव को लेकर जारी निर्देशों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके तहत 28 फरवरी तक परिसीमन के अलावा आरक्षण रोस्टर और मतदाता सूचियों को भी फाइनल किए जाने की योजना है। हालांकि प्रदेश सरकार के अधिकारियों के साथ 20 जनवरी को होने वाली बैठक के बाद ही सारी स्थिति स्पष्ट होगी।
निर्वाचन आयोग केवल जिला परिषद के परिसीमन में छूट देने के पक्ष में, सरकार पंचायत स्तर पर
राज्य निर्वाचन आयोग प्रदेश उच्च न्यायालय में रखे गए पक्ष और निर्देशों के आधार पर केवल जिला परिषद वार्ड में परिसीमन कर चुनाव करवाने के पक्ष में है। जिससे मतदाता सूचियों में कोई बदलाव न हो और समय पर चुनाव करवाए जा सकें, जबकि सरकार पंचायत स्तर पर बदलाव यानी पुनर्सीमांकन करवाकर नए सिरे से मतदाता सूचियों को तैयार करवाने के पक्ष में है। ऐसी स्थिति में 20 जनवरी को होने वाली बैठक में आपसी सहमति न बनने का अंदेशा लग रहा है। हालांकि दोनों पक्षों की तरफ से सहमति बन गई तो चुनाव समय पर होंगे।
पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनाव को लेकर प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा जारी किए गए निर्देशों के तहत 20 जनवरी को मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों की बैठक बलाई गई है।
-सुरजीत सिंह, सचिव, राज्य निर्वाचन आयोग।
सीएम का क्या है पक्ष
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने पंचायतों और शहरी निकायों को लेकर कहा है कि प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेशों का अध्ययन किया जा रहा है। राज्य सरकार कभी भी चुनाव करवाने से पीछे नहीं हटी। इस संबंध में हितधारकों के साथ बैठक की जाएगी।
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