पीएम आवास योजना के लाभार्थियों का वेरिफिकेशन 15 जनवरी तक
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (PM Awas Yojana 2026) के तहत जिले के सभी प्रखंडों में सर्वेक्षित परिवारों का सत्यापन किया जा रहा है। इससे पता लगेगा कि सर्वे के दौरान अनियमितता तो नहीं बरती गई है और अयोग्य परिवारों का नाम भी तो नहीं सूची में शामिल किया गया है। इसे लेकर सत्यापन का कार्य प्रखंड स्तर पर कराया जा रहा है।
ग्रामीण विकास विभाग ने इसके लिए डेडलाइन तय की है। 15 जनवरी तक हर हाल में शत-प्रतिशत परिवारों का सत्यापन कर रिपोर्ट भेजने को कहा है। इसपर डीडीसी ने सभी बीडीओ को कार्य में तेजी लाते हुए निर्धारित समय में इसे पूरा करने को कहा है।
विदित हो कि जिले में अभी द्वितीय स्तर का सत्यापन किया जा रहा है। प्रथम स्तर से सर्वेयर के माध्यम से सत्यापन कर रिपोर्ट दी गई थी। अब प्रखंड स्तर पर सत्यापन किया जा रहा है। तृतीय स्तर पर जिला मुख्यालय के पदाधिकारियों द्वारा सत्यापन कार्य किया जाएगा।
डीडीसी ने सभी बीडीओ से कहा कि आवास साफ्ट पोर्टल पर प्रदर्शित आंकड़े से पता लग रहा है कि सत्यापन का कार्य असंतोषजनक है। अभी तक करीब 50 प्रतिशत ही कार्य पूरा हो सका है। इसका नियमित रूप से अनुश्रवण व पर्यवेक्षण करते हुए 15 जनवरी तक कार्य पूर्ण कराने को कहा है।
कट सकते हैं 50 हजार से अधिक परिवारों के नाम:
बताया गया कि इस बार सेल्फ सर्वे का भी विकल्प दिया गया था। करीब 65 हजार परिवारों ने सेल्फ सर्वे किया था। इसका भी सत्यापन किया जा रहा है।
संभावना जताई जा रही है कि इसमें से करीब 50 हजार परिवारों का नाम कट सकता है, क्योंकि पक्के मकान वालों ने भी सर्वे में अपना नाम शामिल करा दिया था। सत्यापन के क्रम में इसका पता चला है। शत-प्रतिशत कार्य पूरा होने के बाद रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी।
चार लाख से अधिक परिवारों का सूची में जुड़ा था नाम:
पीएम ग्रामीण आवास योजना में इस बार हुए सर्वे में चार लाख 43 हजार 519 परिवारों का नाम जुड़ा था। इसमें सबसे अधिक पारू में 44 हजार 958 व सबसे कम मुरौल में 7653 परिवारों के नाम जुड़े थे।
सत्यापन का कार्य पूरा होने के बाद इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी। वहां से जिले को लक्ष्य आवंटित किया जाएगा। |
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