जिला एमएमजी अस्पताल में बच्चे का टीकाकरण करती स्वास्थ्यकर्मी। जागरण
मदन पांचाल, गाजियाबाद। मंत्र (मंत्रा पोर्टल)के आगे यूविन (यू-विन पोर्टल)पोर्टल का जादू फीका पड़ रहा है। दोनों पोर्टल पर अस्पतालों में होने वाले प्रतिदिन के प्रसव का पूरा विवरण नवजात के संग अपलोड करना अनिवार्य है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग का स्टाफ विवरण अपलोड करने के नाम पर मनमानी करने के साथ अधिकारियों के नियंत्रण से बेकाबू हो चले हैं।
कारण बताओ नोटिस जारी
एक से 26 दिसंबर तक की रिपोर्ट की समीक्षा करने पर दोनों पोर्टल पर दर्ज विवरण में भारी अंतर मिला है। जिला महिला अस्पताल की रिपोर्ट सबसे खराब मिली है। सीएमओ डा. अखिलेश मोहन ने लापरवाही बरतने पर चार सीएमएस समेत छह सीएचसी और तीन यूपीएचसी प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सभी से तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
साथ ही उत्तरदायित्व तय करते हुए रिपोर्ट को ठीक कराने के निर्देश दिये हैं। सीएमओ के नोटिस के अनुसार जिले में नियमित टीकाकरण का सफलतापूर्वक संचालन करने के उद्देश्य से मन्तरा पोर्टल व यू-विन पोर्टल पर एक दिसम्बर 2025 से 26 दिसम्बर 2025 तक की टीकाकरण की पृविष्टियों का आंकलन करने पर पता चला है कि स्टाफ के साथ अधिकारियों द्वारा यूविन पोर्टल पर समस्त प्रसवों एवं टीकाकरण की पृविष्टि नहीं की जा रही है।
समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार जिले में इस अवधि में (यू-विन पोर्टल) पर कुल 1016 प्रसव दर्ज किये गये हैं जबकि मंत्रा पोर्टल पर यह संख्या 1732 है। यानि 716 का अंतर हैं। (यू-विन पोर्टल)पर पंजीकृत नवजात की संख्या 1009 है जबकि मंत्रा पोर्टल पर यह संख्या 1725 दर्ज पाई गई है।
यहां पर भी 716 का अंतर हैं। (यू-विन पोर्टल)पर दर्ज विवरण के अनुसार 992 नवजात को बीसीजी का टीका लगाया गया है लेकिन मंत्रा पोर्टल पर यह संख्या 1522 दर्ज है। 530 का अंतर है। (यू-विन पोर्टल) पर दर्ज विवरण के अनुसार 995 बच्चों को ओपीवी की खुराक पिलाई गई है जबकि मंत्रा पोर्टल पर यह संख्या 1523 दर्ज है। 528 का अंतर है। (यू-विन पोर्टल) के अनुसार 996 नवजात को हेपेटाइटिस बी की डोज दी गई है जबकि मंत्रा पोर्टल पर यह संख्या 1520 दर्ज है।
524 नवजात का अंतर है। नोटिस में लिखा है कि विभिन्न बैठकों के अलावा शासन स्तर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि प्रसव व समस्त टीकाकरण की पृविष्टियां अनिवार्य रूप से यूविन पोर्टल पर दर्ज किया जाना आवश्यक है। यूविन पोर्टल पर पृविष्टियां न होने की स्थिति में रिपोर्टिंग, मॉनिटरिंग व समीक्षा प्रभावित हो रही है, जो कार्यक्रम की प्रगति में बाधा उत्पन्न करती है।
इनको जारी किया गया नोटिस
सीएमएस जिला महिला अस्पताल, सीएमएस जिला संयुक्त अस्पताल,सीएमएस 50 बेडेड डूंडा हेडा अस्पताल,सीएमएस 50 बेडेड लोनी अस्पताल,सीएचसी प्रभारी डासना, मुरादनगर, मोदीनगर,बम्हैटा,लोनी, पीएचसी प्रभारी भोजपुर, यूपीएचसी प्रभारी खोड़ा गांव,पप्पू कॉलोनी और वेद विहार
मंत्रा पोर्टल और यूविन पोर्टल पर दर्ज डाटा में अंतर मिल रहा है। यह प्रगति रिपोर्ट में बाधक एवं लापरवाही का प्रतीक है। संबंधित सीएमएस और सीएचसी प्रभारियों को कारण बताओं नोटिस जारी किये गये हैं। साथ ही उत्तरदायित्व तय करते हुए इस अंतर को तुरंत ठीक करने के निर्देश दिये गये हैं।
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- डा. अखिलेश मोहन, सीएमओ |
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