जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। अखलाक हत्याकांड मामला दूसरी अदालत में स्थानांतरण को लेकर दायर याचिका पर जिला न्यायाधीश अतुल श्रीवास्तव 14 जनवरी को सुनवाई करेंगे। वह तय करेंगे कि मामला अतिरिक्त जिला न्यायाधीश सौरभ द्विवेदी की फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा या किसी अन्य अदालत में सुनवाई होगी।
बता दें कि आरोपितों के अधिवक्ता ने आठ जनवरी को एफटीसी से किसी अन्य अदालत में मामले के स्थानांतरण के लिए याचिका दायर की थी। यह याचिका अखलाक की पत्नी इकरामन एफटीसी द्वारा 23 दिसंबर के फैसले के बाद सुनवाई को दैनिक आधार पर आगे बढ़ाने के बाद बयान दर्ज कराने के बाद दायर की गई थी।
अभी तक अखलाक की बेटी शास्ता के बयान ही अदालत में दर्ज किए गए हैं, जबकि उनकी पत्नी और बेटे दानिश के बयान दर्ज होने बाकी हैं। स्थानांतरण याचिका छह आरोपितों विनय, शिवम, सौरभ, संदीप, गौरव और हरिओम के अधिवक्ताओं की ओर से दायर की गई थी।
याचिका में आरोप है कि पुलिस द्वारा उनके खिलाफ लगाए सभी आरोप झूठे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, उत्तर प्रदेश सरकार ने आरोपितों के खिलाफ दर्ज मामला वापस लेने का निर्देश दिया था। सुनवाई में अदालत ने धारा 321 सीआरपीसी के तहत मामला वापस लेने के आवेदन को खारिज कर दिया।
स्थानांतरण आवेदन में कहा गया है कि आरोपितों के अधिवक्ता को सुने बिना, अदालत ने केवल एक पक्ष (पीड़ित) की बात सुनकर आवेदन खारिज कर दिया। एफटीसी की कार्रवाई के कारण, आरोपितों को कानूनी रूप से नुकसान हुआ है। इसलिए मामले को एडीजे एफटीसी से किसी अन्य अदालत में स्थानांतरित करना आवश्यक है। अखलाक के स्वजन के अधिवक्ता यूसुफ सैफी ने बताया स्थानांतरण आवेदन की सुनवाई जिला न्यायाधीश के सामने 14 जनवरी को होनी है। |