पुलिस चौकी के बाहर ग्रामीणों के साथ कार्रवाई की मांग करते स्वजन।
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। नशे में धुत एक डॉक्टर ने तेज रफ्तार अपनी होंडा सिटी कार से दो सगे भाइयों को टक्कर मार दी। दोनों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना रविवार रात नॉलेज पार्क कोतवाली क्षेत्र में जीरो पाइंट के पास उस समय हुई जब सड़क किनारे बंद खड़ी बोलेरो में दोनों भाई डीजल डाल रहे थे।
गुस्साएं स्वजन ने डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर एनपीएक्स पुलिस चौकी के बाहर प्रदर्शन किया। पुलिस ने आरोपित चालक को गिरफ्तार कर होंडा सिटी कार कब्जे में ली है। आरोपित डाक्टर बिहार के भागलपुर का रहने वाला है।
क्षेत्र के कुंडली बांगर गांव निवासी गौरव शर्मा (32) और मनोज शर्मा (40) सगे भाई थे। रविवार को छोटा भाई गौरव बोलेरो से परिवार को लेकर सैनी गांव में रहने वाली बहन के घर गया था। देर शाम शाम को घर लौटते समय जीरो पाइंट के पास नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर बोलेरो में डीजल समाप्त हो गया।
गौरव ने बड़े भाई मनोज को फोन कर डीजल मंगाया था। मनोज ने एक पेट्रोल पंप से किसी तरह से डीजल का इंतजाम किया। बोलेरो में डीजल डालते समय पास में खड़ा गौरव दूसरी गाड़ियों को साइड कराने में मदद करने लगा। इसी दौरान पहुंची तेज रफ्तार होंडा सिटी कार ने अनियंत्रित होकर दोनों भाइयों को टक्कर मार दी।
होंडा सिटी को शारदा अस्पताल में काम करने वाला जनरल फिजिशियन डॉक्टर सिद्धार्थ कातयायन चला रहा था। मृतक के स्वजन का आरोप है कि डाक्टर ने शराब पी रखी थी। हालांकि, पुलिस ने शराब की पीने की पुष्टि नहीं की है। आरोपित ने शराब पी रखी थी अथवा नहीं, इसकी पुलिस ने जांच भी नहीं कराई।
वहीं पुलिस ने आनन-फानन दोनों भाइयों को यथार्थ अस्पताल पहुंचाया। डाक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बिहार भागलपुर के एमजी पथ थाना आदमपुर निवासी आरोपित डाक्टर सिद्धार्थ कातयायन को गिरफ्तार कर होंडा सिटी कब्जे में ले लिया है। कोतवाली प्रभारी सर्वेश चंद्र ने बताया कि मामले में आरोपित चालक के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है।
टक्कर से दूर जा गिरे दोनों भाई
स्वजन का आरोप है कि आरोपित डाक्टर नशे में था। होंडा सिटी की टक्कर लगने से दोनों दूर जा गिरे। पोस्टमार्टम के बाद शव को लेकर पहुंचे स्वजन ने सोमवार शाम को एनपीएक्स चौकी के बाहर प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि डाक्टर का नाम एफआईआर में शामिल नहीं किया। उसकी शराब पीने की जांच भी नहीं कराई गई। इसी कारण विरोध किया है। पुलिस ने स्वजन को शांत कराकर उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर घर भेजा।
डॉक्टर की लापरवाही से उजड़ गया परिवार
पीड़ित स्वजन ने बताया बड़ा भाई मनोज शर्मा सेक्टर-150 एटीएस के पास मोमोज की ठेली लगाकर लगाकर परिवार का पालन पोषण करता था। जबकि छोटा भाई गौरव शर्मा एटीएस सोसायटी के पास किराना और चाय की दुकान चलाता है।
दोनों शादीशुदा थे। दोनों की पत्नी हाउस वाइफ है। दोनों भाई ही परिवार का पालन-पोषण करते थे। मनोज के परिवार में दो बेटियां व दो बेटे हैं। गौरव के परिवार में दो बेटे और एक बेटी है। स्वजन ने कहा कि डाक्टर की लापरवाही से परिवार उजड़ गया। |
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