जागरण संवाददाता, अयोध्या। पदासीन होने के बाद पहली बार रामनगरी पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी खोई जमीन को नए सिरे से संजोते दिखे। जन्मभूमि पर दिव्य-भव्य राज प्रासाद में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद गत लोकसभा चुनाव में अयोध्या को समाहित किए फैजाबाद जैसी सीट पर मिली हार ने भाजपा के साथ ही देश भर को चौंका दिया था।
यहां की पराजय देशभर में चर्चा का विषय भी बनी। इसका एक कारण भाजपा के परंपरागत कुर्मी मतदाताओं का खिसक जाना भी माना जाता है। देश और राज्य में कुर्मी समुदाय का बड़ा चेहरा रहे भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय कटियार भी पार्टी में काफी दिनों से हाशिये पर हैं।
हालांकि, हाल के कुछ दिनों में उनकी सक्रियता अवश्य दिखी है। इसी खाई की भरपाई के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का लखनऊ से अयोध्या तक जोरदार स्वागत किया गया, जिसमें सपा के पीडीए की काट हो सके और कुर्मी समुदाय के परंपरागत वोटों को दोबारा सहेजा जा सके।
नवनियुक्त भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के अयोध्या आगमन के महत्व को इससे भी समझा जा सकता है कि प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत के लिए अवध क्षेत्र के अयोध्या, लखनऊ, अंबेडकरनगर, गोंडा, श्रावस्ती, बहराइच, बाराबंकी, लखीमपुर, सीतापुर समेत करीब 15 जिलों के भाजपा कार्यकर्ता रामनगरी में एकत्र हुए और लखनऊ से अयोध्या तक करीब 42 स्थानों पर उनका स्वागत किया गया।
कहीं स्वतिवाचन तो कहीं जयश्रीराम के नारों से कार्यकर्ताओं ने अपना उत्साह व्यक्त किया। उनके स्वागत के दौरान गुटों में बंटी भाजपा भी एकजुट दिखी। जिले से लेकर महानगर इकाई तक के नेता व कार्यकर्ता प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत को तत्पर रहे।स्वागत के दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने बेहद विनम्र भाव से कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार कर अवध को साधने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। |