जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने कहा कि प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जोन-स्तरीय समितियां गठित होंगी।
जागरण संवाददाता, जम्मू। प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में पंद्रह फरवरी तक छात्राओं के लिए अलग से शौचालय की सुविधा मुहैया करवाने के निर्देश मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने जारी किए हैं।उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि छात्राओं के लिए सभी शौचालय पूरी तरह कार्यशील हों और यह लक्ष्य 15 फरवरी तक हर हाल में हासिल किया जाए।
मुख्य सचिव ने सोमवार को संबंधित अधिकारियों के साथ विशेष बैठक का आयोजन कर सरकारी स्कूलों में छात्राओं के लिए शौचालय सुविधा को लेकर समीक्षा की। समीक्षा बैठक में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव, स्कूल शिक्षा के निदेशक, चीफ इंजीनियर्स तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य सचिव ने छात्रओं के लिए स्वच्छता सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत निर्मित बुनियादी ढांचे की समीक्षा करते हुए कहा कि स्वच्छ और कार्यशील शौचालय छात्राओं की उपस्थिति, निरंतरता और गरिमा सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि केवल ढांचा खड़ा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि सभी शौचालयों में पानी की उपलब्धता सहित सभी आवश्यक सुविधाएं मौजूद हों।
सभी कार्य 15 फरवरी तक पूरे किए जाएं
उन्होंने निर्मित शौचालयों, निर्माणाधीन शौचालयों और उनकी वर्तमान स्थिति का विस्तृत आकलन किया तथा निर्देश दिए कि छात्राओं के शौचालयों के निर्माण और उनकी मरम्मत से जुड़े सभी कार्य 15 फरवरी तक पूरे किए जाएं। साथ ही स्कूल शिक्षा विभाग को निर्देश दिया गया कि पहले से निर्मित शौचालयों को निर्धारित समय-सीमा से पहले पूरी तरह कार्यशील बनाया जाए।
जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव ने स्कूल शिक्षा विभाग और सड़क एवं भवन (आरएंडबी) विभाग के अधिकारियों को शामिल करते हुए जोन-स्तरीय समितियों के गठन के निर्देश दिए। ये समितियां संयुक्त निरीक्षण कर कमियों की पहचान करेंगी, मरम्मत और सुधार की आवश्यकताओं का आकलन करेंगी तथा कार्यों की निगरानी करेंगी।बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, पीडब्ल्यूडी, अनिल कुमार सिंह ने बताया कि विभाग सभी सौंपे गए कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्री-फैब्रिकेटेड शौचालय स्थापित किए जाएंगे
उन्होंने कहा कि जहां निर्माण समय पर संभव नहीं है, वहां प्री-फैब्रिकेटेड शौचालय स्थापित किए जाएंगे ताकि समय से पहले सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव राम निवास शर्मा ने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश के कुल 18,724 सरकारी स्कूलों में से 18,023 स्कूलों (99.25 प्रतिशत) में शौचालय सुविधाएं उपलब्ध हैं। इनमें से 17,403 स्कूलों (92.29 प्रतिशत) में छात्राओं के लिए अलग शौचालय हैं, जबकि 1,321 स्कूलों (7.71 प्रतिशत) में अभी यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में 265 बालिका शौचालयों का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जबकि शेष 1,056 स्कूलों में समयबद्ध तरीके से कार्य शुरू किया गया है। ये सभी कार्य शीतकालीन क्षेत्र के स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र से पहले और ग्रीष्मकालीन क्षेत्र के स्कूलों में 15 फरवरी तक पूरे कर लिए जाएंगे। |
|