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Municipal Elections: 2 से ज्यादा बच्चे हैं तो नहीं लड़ पाएंगे चुनाव, टैक्स बाकी होने पर भी रद होगी उम्मीदवारी

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झारखंड नगर निकाय चुनाव 2026। फाइल फोटो



जागरण संवाददाता, गोड्डा। नगर निकाय चुनाव 26 की प्रशासनिक तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से निकाय स्तर पर अध्यक्ष और वार्ड पार्षदों के अभ्यर्थियों की योग्यता को लेकर कई प्राविधान जारी किए हैं।

इसके अनुसार निकाय चुनाव में दो से अधिक संतान वाले चुनाव में उम्मीदवार नहीं बन सकते हैं। अगर आखिरी संतान का जन्म 9 फरवरी 2013 के बाद हुआ है, वे चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।

आयोग ने इसे झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 के तहत लागू कर दिया है। सभी निकायों के चुनाव पहली बार एक साथ होंगे। इसकी तैयारियां पूरी की जा रही है। दो से अधिक संतान वाले उम्मीदवारों के मामले में निर्धारित प्रविधानों को कड़ाई से अनुपालन के लिए आयोग ने जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त को निर्देश जारी कर दिया है।

दो से अधिक संतान वाले व्यक्ति केवल तब अयोग्य होंगे, जब उनकी संतानों की संख्या 9 फरवरी 2013 के बाद दो से अधिक हुई हो। गोद ली गई संतान और जुड़वा संतान की संख्या को भी शामिल किया जाएगा। अभ्यर्थियों को नामांकन पत्र के साथ स्वघोषणा से संबंधित शपथ पत्र भरकर संलग्न करना अनिवार्य किया गया है।
टैक्स बकाया होने पर भी रद होगी उम्मीदवारी

नगर निकाय चुनाव 2026 में बकाया कर, शुल्क या किराया चुकाए बिना कोई भी व्यक्ति नामांकन दाखिल नहीं कर सकेगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि 9 फरवरी 2013 से पूर्व लंबित राशि पर चक्रवृद्धि ब्याज नहीं लगेगा। लेकिन मूल बकाया और सरल ब्याज का भुगतान अनिवार्य होगा।

स्वघोषणा पत्र और सत्यापन के दौरान किसी प्रकार की गड़बड़ी मिलने पर नामांकन रद कर दिया जाएगा। अभ्यर्थियों काे हरहाल में वर्ष 2024- 25 तक का बकाया टैक्स भुगतान करना होगा। अध्यक्ष या वार्ड पार्षद का नामांकन वहीं व्यक्ति दाखिल कर सकेगा, जिसने निकाय का बकाया टैक्स, चुनाव शुल्क या किराया चुका दिया हो।

आयोग ने साफ किया है कि उम्मीदवारों को न केवल मूल बकाया राशि जमा करनी होगी, बल्कि उस पर लगने वाले साधारण ब्याज का भुगतान भी हर हाल में करना होगा।
अध्यक्ष सहित पार्षदों के चुनाव को आरक्षण गजट जारी

गोड्डा नगर परिषद और महागामा नगर पंचायत में अध्यक्ष का पद क्रमश: ओबीसी वन व एसटी के लिए आरक्षित किया गया है। इस कारण उक्त सीटों पर चुनाव लड़ने के अरमान रखने वाले सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के सपने चकनाचूर हो गए हैं।

ओबीसी वन के लिए आरक्षित होने के पूर्व गोड्डा नगर परिषद के अध्यक्ष पद के लिए यहां सामान्य वर्ग से एक दर्जन उम्मीदवारों ने ताल ठोका था, लेकिन आरक्षण की गुत्थी सुलझने के बाद अब कई सक्रिय चेहरे चुनावी दौड़ से बाहर हो गये हैं।

कमोवेश यही स्थिति महागामा नगर पंचायत की भी है, जो एसटी वर्ग के लिए आरक्षित है। वहां दो से अधिक संतान वाले पेंच में भी कई सक्रिय चेहरे दौड़ से बाहर हो गए हैं। अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों के लिए गुलाबी रंग का बैलेट पेपर होगा। वहीं, वार्ड पार्षद पद के प्रत्याशियों के बैलेट पेपर सफेद रहेंगे।
नामांकन में शपथ पत्र की सूचनाओं पर आयोग गंभीर

निकाय चुनाव के समय अभ्यर्थियों को अपनी देनदारियों से संबंधित शपथ पत्र देना होगा। यदि सत्यापन के दौरान घोषणा-पत्र में कोई जानकारी छिपाई गई या गलत तथ्य पाए गए तो उम्मीदवारी रद हो जाएगी।

आयोग ने निर्वाची पदाधिकारी को उक्त निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। जिले के दोनों निकायों में आरक्षण का निर्धारण होने के साथ ही चुनावी सरगर्मी अब तेज हो गई है।
संभावित प्रत्याशियों ने इंटरनेट मीडिया पर बढ़ाई सक्रियता

निकाय चुनाव को लेकर राज्य सरकार के प्रस्ताव को राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के साथ ही चुनाव की संभावित तिथियों को भी खुलासा कर दिया गया है। माैजूदा परिस्थिति में आगामी 25-26 फरवरी को चुनाव की तिथि संभावित है।

साथ ही आगामी 27 जनवरी को चुनाव को लेकर अधिसूचना जारी होने के संकेत दिए गए हैं। ऐसे में अब निकाय चुनाव के संभावित प्रत्याशियों ने इंटरनेट मीडिया पर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।

  

निकाय चुनाव इस बार दलीय आधार पर नहीं हो रहे है। लिहाजा राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता आपस में भी इस बार चुनावी मैदान में आमने-सामने नजर आने वाले हैं, और इसका फायदा दल निरपेक्ष उम्मीदवार को मिल सकता है। गोड्डा नगर परिषद में अध्यक्ष सहित 21 वार्ड और महागामा नगर पंचायत में अध्यक्ष सहित 17 वार्डों में एक साथ चुनाव होंगे।


निकाय चुनाव को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेजी से पूरी की जा रही है। इसी माह आयोग की ओर से निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी की जा सकती है। आरक्षण संबंधित गजट प्रकाशित कर दिया गया है। गोड्डा नगर परिषद अध्यक्ष का पद अत्यंत पिछड़ा वर्ग वन के लिए आरक्षित है वहीं महागामा नगर पंचायत में अध्यक्ष पद एसटी वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। -फैजान सरवर, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, गोड्डा।
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