नई दिल्ली। Budget 2026 की तारीख नजदीक आते ही बजट को लेकर कई तरह के अनुमान सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में खबर आई है कि सरकार, शेयर बाजार में निवेश व कारोबार करने वालों को एक बड़ी राहत दे सकती है। ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार शेयर बाजार में फंड का स्थिर फ्लो सुनिश्चित करने के लिए विकल्पों पर विचार कर रही है; सूत्रों के अनुसार, इसके लिए कैश सेगमेंट में STT कम करने पर विचार किया जा रहा है।
एसटीटी यानी सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स, एक प्रकार का कर है, जो शेयर बाजार में ट्रेड करने पर लगाया जाता है। आइये आपको बताते हैं फिलहाल शेयर खरीदने पर कितना एसटीटी लगता है।
STT पर क्या है सरकार का प्लान?
सूत्रों की मानें तो सरकार, शेयर बाजार में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए कुछ विकल्पों पर विचार कर रही है। इसके तहत सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स को कम किया जा सकता है। सरकार, पेंशन और एंडॉमेंट फंड्स इन्वेस्टमेंट्स के लिए टैक्स फ्री स्टेट्स पर भी विचार कर रही है।
क्या है सिक्योरिटीज़ ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) है?
सिक्योरिटीज़ ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) एक डायरेक्ट टैक्स है, जो शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों के शेयरों की खरीदी व बिक्री पर लगता है। यह टैक्स 2004 में पेश किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य कैपिटल गेन टैक्स की चोरी रोकना और सरकार को आसानी से टैक्स कलेक्ट करना था।
कैसे लगता है STT?
सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स, स्टॉक एक्सचेंज द्वारा शेयर खरीदते और बेचते समय ही काट लिया जाता है।
चाहे आप शेयर खरीद-बेचकर मुनाफा कमाएं या नहीं, पर STT जरूर लगता है। यह टैक्स इक्विटी और फ्यूचर एंड ऑप्शन ट्रेड, दोनों पर लगता है।
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क्या हैं STT की दरें
STT की दरों में समय-समय पर बदलाव होता रहा है। 2023 में इसमें कुछ बढ़ोतरी हुई थी, और उसके बाद कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है।
- इक्विटी शेयर की खरीदी और बिक्री पर 0.1%
- फ्यूचर ट्रेड की कुल वैल्यू पर 0.02%
- ऑप्शन ट्रेड की कुल वैल्यू पर 0.1%
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