सेक्टर-15 में सीवर संकट पर सौरभ जोशी ने अधिकारियों संग किया औचक निरीक्षण (फोटो: जागरण)
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। सेक्टर-15 में लगातार आ रही सीवर लाइन जाम की गंभीर शिकायतों को देखते हुए पार्षद सौरभ जोशी ने नगर निगम, चंडीगढ़ के पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारियों के साथ क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। यह कार्रवाई क्षेत्रवासियों द्वारा बार-बार की जा रही आपात शिकायतों के बाद की गई।
निरीक्षण के दौरान पार्षद सौरभ जोशी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नागरिकों को बुनियादी सुविधाओं के लिए बार-बार गुहार नहीं लगानी चाहिए। उन्होंने सेक्टर-15 की आवासीय गलियों, बाजारों, चीप हाउसेज़, धोबी घाटों तथा आंतरिक सर्विस लेनों के पीछे स्थित कई सीवर लाइनों का स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण किया, जहाँ लंबे समय से चली आ रही संरचनात्मक खामियाँ और मैदानी निगरानी की कमी उजागर हुई।
स्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए पार्षद जोशी ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और निर्देश दिए कि केवल दफ्तरों में बैठकर काम नहीं चलेगा, बल्कि नियमित फील्ड विज़िट और निरंतर निगरानी अनिवार्य है।
निरीक्षण के दौरान पार्षद सौरभ जोशी ने कहा कि “मुझे लगातार नागरिकों के फोन आ रहे हैं कि सीवर जाम हो रहे हैं। यह रूटीन निरीक्षण की विफलता को दर्शाता है। फील्ड में मौजूद रहना विकल्प नहीं, बल्कि ज़रूरी जिम्मेदारी है।”
समस्या के स्थायी और ठोस समाधान हेतु पार्षद जोशी ने संबंधित एक्सईएन (पब्लिक हेल्थ) को निर्देश दिए कि प्रस्तावित अतिरिक्त सीवर लाइनों के लिए टेंडर प्रक्रिया की विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत की जाए, ताकि बार-बार होने वाली चोकिंग और ओवरफ्लो की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके।
मौके पर मौजूद स्थानीय निवासियों और दुकानदारों ने पार्षद के इस औचक निरीक्षण की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मौके पर किए गए निरीक्षण से जवाबदेही तय होती है और आम जनता का प्रशासन पर विश्वास मजबूत होता है।
अपने रुख को दोहराते हुए पार्षद सौरभ जोशी ने कहा कि नागरिक सुविधाओं में लापरवाही के प्रति उनकी नीति ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की है, और जनस्वास्थ्य, स्वच्छता एवं नागरिकों की गरिमा से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं किया जाएगा। यह औचक निरीक्षण नगर निगम प्रशासन के लिए एक स्पष्ट और कड़ा संदेश है कि वार्ड नंबर-12 को अब नज़रअंदाज़ नहीं किया जाएगा। |
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