परसुडीह स्थित मखदुमपुर रेलवे फाटक के पास रूकी बादाम-पहाड़ पैसेंजर ट्रेन।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर । झारखंड में जमशेदपुर के मखदुमपुर रेलवे फाटक के पास मंगलवार को एक बड़ी रेल दुर्घटना होते-होते रह गई। बादामपहाड़ से टाटानगर आ रही पैसेंजर ट्रेन के रास्ते में लाल कपड़े ने मौत का जाल बिछा दिया था, जिसे लोको पायलट की पारखी नजरों ने समय रहते पहचान लिया।
लोको पायलट की सूझबूझ से बचा हादसा घटना मंगलवार दोपहर की है, जब बादामपहाड़-टाटानगर पैसेंजर ट्रेन अपनी सामान्य रफ्तार में थी। झारखंड नगर के पास लोको पायलट ने देखा कि ट्रैक के ऊपर 25 हजार वोल्ट के हाई-टेंशन (OHE) तार में एक बड़ा लाल कपड़ा लटक रहा है। पायलट ने बिना देर किए इमरजेंसी ब्रेक लगाया और ट्रेन को वहीं रोक दिया। यदि ट्रेन उस कपड़े के नीचे से गुजरती, तो इंजन के ऊपर लगा पैंटोग्राफ (वह यंत्र जिससे ट्रेन बिजली लेती है) उस कपड़े में उलझ जाता।
बच्चों की शरारत या बड़ी लापरवाही? इससे पैंटोग्राफ टूट सकता था और हाई-वोल्टेज ओएचई तार टूटकर ट्रेन पर गिर सकते थे। ऐसी स्थिति में ट्रेन में करंट दौड़ने या आग लगने का गंभीर खतरा पैदा हो सकता था। स्थानीय लोगों के अनुसार, ट्रैक के किनारे खेलने वाले कुछ शरारती बच्चों ने पत्थर में कपड़ा बांधकर ऊपर फेंका होगा, जो तारों में जाकर फंस गया। इस छोटी सी \“खेल-खेल\“ वाली हरकत ने सैकड़ों यात्रियों की जान जोखिम में डाल दी। ट्रेन के करीब एक घंटे तक बीच रास्ते में खड़े रहने के कारण यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। काफी देर तक सुधार कार्य चलने के कारण कई यात्री ट्रेन से उतरकर पैदल ही टाटानगर स्टेशन और अपने घरों की ओर चल दिए।
रेलवे की कार्रवाई सूचना मिलते ही रेलवे का ट्रैक्शन विभाग मौके पर पहुंचा। बिजली की आपूर्ति काटकर (पावर ब्लॉक लेकर) टावर वैगन की मदद से उस कपड़े को हटाया गया। इसके बाद ही ट्रेन को आगे रवाना किया गया। रेलवे ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे पटरियों के पास ऐसी खतरनाक गतिविधियां न करें, जो किसी बड़े हादसे का कारण बन सकें। लोको पायलट ने समय पर इमरजेंसी ब्रेक लगाया। इस कारण परसुुडीह के पास ट्रेन लगभग 1 घंटा खड़ी रही। |
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