प्रतीकात्मक चित्र
संवाद सूत्र, उझानी। थाना क्षेत्र में एक मेंथा प्लांट के गार्ड रूम में तीन गार्डाें के शव पड़े मिले। वह रात यहां ड्यूटी कर रहे थे और प्लांट के गेट के नजदीक ही गार्ड रूम में सो रहे थे। उसी में एक परात में आग भी जल रही थी। प्राथमिक रूप से माना जा रहा है कि शायद उनकी दम घुटने से मृत्यु हुई है लेकिन उनके स्वजन ने मेंथा प्लांट के मालिक दो भाइयों और मैनेजर समेत अज्ञात के खिलाफ हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने उनकी गिरफ्तारी को लेकर हंगामा भी किया।
इसकी सूचना पर पहुंचे पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें समझाबुझाकर शांत कराया और तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।कोतवाली क्षेत्र के गांव कुढ़ा नरसिंहपुर के नजदीक भारत मिंट केमिकल मेंथा प्लांट है। यहां पिछले साल भयंकर आगजनी हो गई थी, जिसमें एक मजदूर की जिंदा जलकर मृत्यु हो गई थी। उसके बाद से मेंथा प्लांट कागजों में बंद पड़ा था लेकिन यहां लगातार काम चल रहा था।
मेंथा के तमाम ड्रम यहां रखे हुए थे। उनकी सुरक्षा के लिए गुजरिया थाना क्षेत्र के गांव बसावनपुर निवासी 30 वर्षीय जोगेंद्र सिंह पुत्र राम बहादुर सिंह, कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव पसेई निवासी 35 वर्षीय विवेक यादव पुत्र टेनी और बैंक आफ बड़ौदा की तरफ से गार्ड मूसाझाग थाना क्षेत्र के गांव मुड़सेना खुर्द निवासी 35 वर्षीय भानु यादव पुत्र श्रीपाल को लगाया गया था। वह सोमवार रात यहां ड्यूटी कर रहे थे।
तीनों गार्ड प्लांट के गेट के नजदीक बने गार्ड रूम में सो रहे थे। मंगलवार सुबह प्लांट में काम करने पहुंचे राजमिस्त्रियों ने उन्हें मृत अवस्था में पड़े देखा तो उन्होंने कोतवाली पुलिस को सूचना दी, जिससे पुलिस मौके पर पहुंच गई और मामले की छानबीन की। बताया जा रहा है कि उस दौरान विवेक यादव की सांसे चल रहीं थी।
उसे तत्काल जिला अस्पताल भेज दिया गया लेकिन वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया लेकिन यहां तब तक जोगेंद्र सिंह और भानु यादव की मृत्यु हो चुकी थी। इसकी सूचना पर उनके स्वजन भी वहां पहुंच गए। उन्होंने प्लांट मालिक मनोज गोयल, नितेश गोयल उर्फ गोपाल और मैनेजर राकेश समेत कुछ अज्ञात पर हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया।
इसकी सूचना पर कई थानों के पुलिस, एसडीएम सदर मोहित कुमार, सीओ उझानी डा. देवेंद्र कुमार समेत कई अधिकारी पहुंच गए। करीब चार घंटा तक हंगामा होता रहा। जोगेंद्र के पिता राम बहादुर ने प्लांट मालिक मनोज गोयल, नितेश गोयल उर्फ गोपाल और मैनेजर राकेश समेत अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
फिलहाल तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का मानना है कि तीनों की मृत्यु दम घुटने से हुई है। इसमें पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
मेंथा प्लांट में तीनों युवक गार्ड थे। वह गार्ड रूम में ही सो रहे थे और उसी में एक परात में आग भी जल रही थी। ऐसा लग रहा है कि उनकी दम घुटने से मृत्यु हुई है। उनके शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इसमें पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अगली कार्रवाई की जाएगी।
- विजयेंद्र द्विवेदी, एसपी सिटी
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