नई दिल्ली। कुछ साल पहले तक क्रिप्टोकरेंसी को लोग सिर्फ़ एक ट्रेंड या जल्दी पैसा कमाने का तरीका मानते थे। सोशल मीडिया पर शोर था, अचानक कीमतें बढ़ती थीं और उतनी ही तेज़ी से गिर जाती थीं। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। 2025 के आंकड़े बताते हैं कि क्रिप्टो धीरे-धीरे एक मज़बूत, नियमों से चलने वाले और लंबे समय तक टिकने वाले सिस्टम में बदल रहा है।
इस बदलाव का बड़ा सबूत है Binance की End of Year 2025 रिपोर्ट, जो दिखाती है कि अब यह इंडस्ट्री सिर्फ़ चर्चा नहीं, बल्कि ठोस ढांचे, नियमों, और सुरक्षा पर आगे बढ़ रही है।
रिकॉर्ड तोड़ ट्रेडिंग और बढ़ती लिक्विडिटी
2025 में Binance पर कुल $34 ट्रिलियन से ज़्यादा का ट्रेड हुआ, और अब तक का ऑल-टाइम ट्रेडिंग वॉल्यूम $145 ट्रिलियन को पार कर चुका है। इसका मतलब यह है कि लोग अब क्रिप्टो को सिर्फ़ एक्सपेरिमेंट के तौर पर नहीं, बल्कि गंभीर निवेश और ट्रांजैक्शन के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। आज Binance पर:
- 300 मिलियन से ज़्यादा रजिस्टर्ड यूज़र्स हैं
- 490 से ज़्यादा कॉइन्स और 1,800+ ट्रेडिंग पेयर्स उपलब्ध हैं
- रोज़ाना ट्रेडिंग वॉल्यूम में 18% की बढ़ोतरी हुई है
- ये सभी आंकड़े Binance की EOY 2025 रिपोर्ट में दिए गए हैं।
- सिर्फ़ रिटेल नहीं, अब बड़े संस्थान भी जुड़ रहे हैं
पहले क्रिप्टो में ज़्यादातर छोटे निवेशक ही सक्रिय थे। लेकिन 2025 में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला - institutional investors, यानी बड़ी कंपनियाँ, फंड्स और बैंक भी इसमें गंभीरता से उतरने लगे हैं।
Binance पर:
-Institutional ट्रेडिंग वॉल्यूम में 21% की बढ़ोतरी
-OTC (बड़ी डील्स) में 210% का उछाल
इतना ही नहीं, BlackRock और Franklin Templeton जैसे बड़े फाइनेंशियल प्लेयर्स के साथ टोकनाइज़ेशन और डिजिटल एसेट्स पर काम शुरू हो चुका है। इसका मतलब है कि क्रिप्टो अब एक्सपेरिमेंट से निकलकर मेनस्ट्रीम फाइनेंस की ओर बढ़ रहा है।
नियमों के दायरे में आ रहा है क्रिप्टो
क्रिप्टो को लेकर सबसे बड़ी चिंता हमेशा से यही रही है, क्या यह सुरक्षित है? और क्या यह कानून के दायरे में है?
2025 में Binance ने इस दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया। वह दुनिया का पहला बड़ा एक्सचेंज बना, जिसे Abu Dhabi Global Market (ADGM) से फुल ग्लोबल लाइसेंस मिला। यह एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त रेगुलेटरी फ्रेमवर्क है। इसका मतलब:
- अब Binance 21 से ज़्यादा देशों में रजिस्टर्ड है
- सख्त नियमों और निगरानी के तहत काम कर रहा है
- पारदर्शिता और भरोसे को प्राथमिकता दी जा रही है
यह दिखाता है कि क्रिप्टो अब बिना नियमों की दुनिया से निकलकर एक रेगुलेटेड सिस्टम की ओर बढ़ चुका है।
सुरक्षा: अब सिर्फ़ वादा नहीं, ठोस एक्शन
2025 में Binance के सुरक्षा सिस्टम ने:
$6.69 बिलियन के संभावित फ्रॉड और स्कैम को रोका
5.4 मिलियन यूज़र्स को नुकसान से बचाया
50,000 से ज़्यादा लोगों को खोया हुआ पैसा रिकवर करने में मदद की
इसके अलावा, Binance के पास:
$1 बिलियन से ज़्यादा का SAFU फंड (यूज़र प्रोटेक्शन के लिए)
38 टोकन के लिए 1:1 Proof of Reserves
24/7 मार्केट सर्विलांस सिस्टम
ये सब संकेत देते हैं कि अब प्लेटफॉर्म्स सिर्फ़ मुनाफे पर नहीं, बल्कि यूज़र्स की सुरक्षा पर भी ध्यान दे रहे हैं।
शिक्षा और जागरूकता: हाइप से आगे बढ़ने की कोशिश
Binance का फोकस सिर्फ़ ट्रेडिंग पर नहीं, बल्कि यूज़र्स को शिक्षित करने पर भी है। Binance Academy आज 29 भाषाओं में फ्री एजुकेशनल कंटेंट देता है और अब तक 60 मिलियन से ज़्यादा लोग इससे सीख चुके हैं। इसका मकसद साफ़ है की लोग भावनाओं और अफवाहों के आधार पर नहीं, बल्कि सही जानकारी के साथ फैसले लें।
आखिर में 2025 के आंकड़े साफ़ बताते हैं कि क्रिप्टो अब सिर्फ़ हाइप नहीं रहा। यह एक ऐसा सिस्टम बन रहा है जिसमें:
- बड़ी लिक्विडिटी है
- रिटेल और इंस्टीट्यूशनल दोनों का भरोसा है
- सख्त नियम और लाइसेंसिंग है
- मजबूत सुरक्षा व्यवस्था है
यह बदलाव दिखाता है कि डिजिटल एसेट्स अब धीरे, लेकिन मज़बूती से भविष्य के फाइनेंस सिस्टम का अहम हिस्सा बनने की ओर बढ़ रहे हैं।
(डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ जागरुकता के लिए है और किसी भी प्रकार से क्रिप्टो में निवेश की सलाह नहीं है। क्रिप्टो में निवेश जोखिमभरा है। भारत में क्रिप्टो निवेश अविनियमित है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें। किसी भी वित्तीय नुकसान के लिए जागरण उत्तरदायी नहीं होगा।) |
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