आवारा श्वान का आतंक (प्रतीकात्मक चित्र)
डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। साढ़े तीन साल के मासूम प्रवीण कुशवाह पर सोमवार सुबह करियवाटी गांव के बाहर खेलते समय आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया। गहरे घावों के कारण बच्चे को तुरंत उपचार के लिए जेएएच लाया गया। वहां की टीम ने स्थिति गंभीर पाई और प्रवीण को सुपर स्पेशियलिटी पीडियाट्रिक विभाग में रेफर कर दिया।
चेहरे की सर्जरी और इलाज
मंगलवार को बच्चे की चेहरे की सर्जरी की गई जिसमें 25 टांके लगाए गए। लगभग एक घंटे चली सर्जरी में डॉक्टरों ने विशेष सावधानी बरती। पीडियाट्रिक्स सर्जन डॉ. दिलीप गर्ग ने बताया कि प्रवीण के गाल के अलावा अन्य हिस्सों पर भी घाव हैं। बच्चे की हालत स्थिर है और उसे अगले दो-तीन दिन तक अस्पताल में रखा जाएगा, इसके बाद डिस्चार्ज किया जाएगा।
नगर निगम की निष्क्रियता
इस गंभीर घटना के बावजूद नगर निगम के अमले द्वारा आवारा कुत्तों को पकड़ने में कोई कार्रवाई नहीं की गई। बच्चों पर हमले की घटनाओं में वृद्धि हो रही है, जिससे लोग अपने बच्चों को घरों से बाहर खेलने नहीं भेज रहे हैं। कई इलाकों में यह समस्या आम हो गई है।
श्वान बने खतरा
विशेषज्ञों और नागरिकों ने चेतावनी दी है कि आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ने से बच्चों और आम लोगों के लिए खतरा बढ़ गया है। नगर निगम को रोजाना कई कुत्तों को पकड़ने के निर्देश हैं, लेकिन कार्रवाई की कमी से सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
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परिवार की चिंता
प्रवीण का परिवार बच्चे की हालत को लेकर गहरी चिंता में है। सर्जरी के बाद भी देखभाल और सुरक्षा को लेकर परिवार परेशान है। नागरिकों ने नगर निगम से आवारा कुत्तों को नियंत्रित करने और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। |
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