नई दिल्ली। भारतीय सरकारी रिफाइनरी कंपनियां इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने अबू धाबी में एक ऑनशोर एक्सप्लोरेशन ब्लॉक में दूसरी तेल खोज का ऐलान किया है, जिससे उनके विदेशी अपस्ट्रीम पोर्टफोलियो और भारत की लॉन्ग-टर्म एनर्जी सिक्योरिटी स्ट्रेटेजी को मज़बूती मिली है। यह खोज ऊर्जा भारत प्राइवेट लिमिटेड (UBPL) ने की है, जो IOC और BPCL की एक्सप्लोरेशन कंपनी भारत पेट्रो रिसोर्सेज लिमिटेड का 50:50 जॉइंट वेंचर है।
IOC ने कहा एक्सचेंज को दी सूचना में कहा कि UBPL ने ऑनशोर कंसेशन में एक्सप्लोरेटरी वेल XN-79 02S की ड्रिलिंग के दौरान तेल खोजा है। यह 2024 की शुरुआत में XN-76 एक्सप्लोरेटरी वेल में हुई पहली तेल खोज के बाद हुआ है।
2019 से चल रहा था काम
इस जॉइंट वेंचर को मार्च 2019 में ऑनशोर ब्लॉक 1 दिया गया था और इसने एक्सप्लोरेशन फेज में करीब $166 मिलियन (करीब 1500 करोड़ रुपये) का निवेश किया है, जो अब पूरा हो गया है। IOC के अनुसार, पहली खोज अनकन्वेंशनल शिलाइफ प्ले में हुई, जहाँ सफल हाइड्रो-फ्रैक्चरिंग ऑपरेशन के बाद तेल सतह पर आ गया, जिससे ब्लॉक में अनकन्वेंशनल तेल संसाधनों की मौजूदगी साबित हुई।
दूसरी खोज, XN-79 02S पर हुई, जहाँ हबशान रिज़र्वॉयर से कच्चा तेल निकला, जो इस कंसेशन एरिया में इस रिज़र्वॉयर में पहली तेल की खोज है।
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पार्टनर्स ने कहा कि अगले स्टेज में किसी भी डेवलपमेंट के फैसले से पहले कुओं की आर्थिक रूप से तेल निकालने की क्षमता की पुष्टि करने पर ध्यान दिया जाएगा। IOC ने कहा कि वह नतीजों को लेकर \“बहुत पॉजिटिव\“ है और असेसमेंट फेज के दौरान कमर्शियल फायदे की जांच करेगा। |