झारखंड में नहीं थम रहा हाथियों का आतंक
संवाद सूत्र, मझगांव। मझगांव प्रखंड के बेनीसागर क्षेत्र में पिछले सात दिनों से हमलावर हाथी की तलाश जारी है। हाथी को ट्रेस करने के लिए वन विभाग के 100 से अधिक वनकर्मियों की टीम बेनीसागर में कैंप कर रही है, लेकिन अब तक हमलावर हाथी का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इस बीच मंगलवार देर रात 10 हाथियों का झुंड मझगांव क्षेत्र में घुस आया और जमकर उत्पात मचाया।
बेनीसागर में मौजूद वन विभाग की टीम ने हाथियों के झुंड को खदेड़ने का प्रयास किया, लेकिन झुंड मझगांव के बुरामपदा पहुंच गया, जहां उसने जमादार तामसोय के सब्जी बगान में भारी तबाही मचाई। हाथियों ने गोभी और टमाटर की फसल को रौंदकर नष्ट कर दिया।
40 हजार रुपये से अधिक का नुकसान
पीड़ित जमादार तामसोय ने बताया कि काफी मेहनत से सब्जी की खेती की थी, जिसे हाथियों ने पूरी तरह बर्बाद कर दिया। इस घटना में 40 हजार रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। इधर घोड़ाबंधा क्षेत्र में भी हाथियों के एक अन्य झुंड ने आतंक मचा रखा है।
हेसेलबेरेल निवासी सुखरा हेंब्रम के घर को तोड़कर चावल व आटा नष्ट कर दिया गया, जबकि ओल्हानिया गांव निवासी माधो पान के घर को क्षतिग्रस्त कर उसमें रखा चावल, आटा सहित अन्य घरेलू सामग्री को भी हाथियों ने नष्ट कर दिया।
गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को बेनीसागर में एक दंतैल हाथी ने तीन लोगों को पटक कर मौत के घाट उतार दिया था, जिसके बाद पूरे मझगांव क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। हाथी के भय से बेनीसागर के कई ग्रामीण अपने घर छोड़कर दूर-दराज के रिश्तेदारों के यहां रात गुजारने को मजबूर हैं। |
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