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आईआरसीटीसी घोटाला: लालू-तेजस्वी के खिलाफ मुकदमे पर रोक से हाईकोर्ट का इनकार, जारी रहेगा ट्रायल

Chikheang 2026-1-14 21:56:49 views 1036
  

फाइल फोटो।



जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि अदालत इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कार्पोरेशन (आईआरसीटीसी) घोटाले में आरजेडी नेता लालू प्रसाद और उनके बेटे तेजस्वी यादव के खिलाफ चल रहे मुकदमे पर रोक नहीं लगाएगा। हालांकि, न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने कहा कि ट्रायल कोर्ट अगले सप्ताह गवाहों से जिरह कर सकती है, तब तक वह मामले में आरोप तय करने के उसके आदेश के खिलाफ पिता-पुत्र की याचिकाओं पर फैसला कर लेगी।
अगले सप्ताह इस मामले पर अंतिम फैसला पारित करेगी

लालू यादव की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिबल ने पीठ को बताया कि पिछली बार अदालत ने आरोप तय करने के खिलाफ वर्तमान याचिकाओं के लंबित रहने के दौरान मुकदमे पर रोक लगाने के मुद्दे पर सुनवाई के लिए 14 जनवरी का समय निर्धारित किया था। उन्होंने कहा कि गवाहों की जांच के बाद ट्रायल कोर्ट गवाहों से जिरह की कार्यवाही शुरू करेगी।
इस पर पीठ ने कहा कि मुख्य जांच होने दीजिए, अदालत इस पर रोक नहीं लगा रही है। पीठ ने कहा कि वह रोक के मुद्दे पर पहले फैसला करने के बजाय अगले सप्ताह इस मामले पर अंतिम फैसला पारित करेगी।
IRCTC होटलों के रखरखाव के ठेकों के आवंटन में भ्रष्टाचार

याचिकाओं पर जल्द फैसला सुनाने का संकेत देते हुए अदालत ने सीबीआई के वकील को अगले सप्ताह जिरह न करने का निर्देश दिया। 13 अक्टूबर 2025 को ट्रायल कोर्ट ने आरोपित लालू यादव, उनकी पत्नी व बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, बेटे व पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव और 11 अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत अपराधों के लिए आरोप तय किए थे। यह मामला 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री के रूप में लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल के दौरान आईआरसीटीसी होटलों के रखरखाव के ठेकों के आवंटन में भ्रष्टाचार के आरोपों से संबंधित है।
लालू और उनके परिवार से जुड़े 12 ठिकानों पर छापे

आरोप है कि दो होटलों के रखरखाव के ठेके विजय व विनय कोचर की एक निजी फर्म सुजाता होटल को दिए गए थे। आरोप है कि यह ठेका लालू से जुड़ी एक बेनामी कंपनी के माध्यम से प्राप्त तीन एकड़ की बेशकीमती जमीन के बदले में दिए गए थे।सात जुलाई 2017 को सीबीआई ने मामले में प्राथमिकी की थी और पटना, नई दिल्ली, रांची और गुरुग्राम लालू और उनके परिवार से जुड़े 12 ठिकानों पर छापे भी मारे।
आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सुबूत मौजूद

एजेंसी ने लालू सहित उनके परिवार के सदस्यों पर आपराधिक षडयंत्र और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। सीबीआई ने दावा किया है कि सभी आरोपितों के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सुबूत मौजूद हैं। एक मार्च को सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रेमचंद गुप्ता और अन्य के खिलाफ आरोपों पर अपनी बहस पूरी कर ली थी।

यह भी पढ़ें- लैंड फॉर जॉब केस: HC में CBI ने लालू की याचिका का किया विरोध, बोली-नियुक्तियों में लालू की कोई आधिकारिक भूमिका नहीं
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