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डीजीपी ने पूरी घटना की जानकारी दी।
राज्य ब्यूरो, रांची। रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र के मौसीबाड़ी मल्हारकोचा से दो जनवरी को अपहृत दो मासूम पांच साल के अंश कुमार व चार साल की अंशिका को 12 दिन बाद बुधवार को पुलिस ने रामगढ़ जिले के रजरप्पा थाना क्षेत्र के चितरपुर स्थित जान्हे रहमतनगर से सकुशल मुक्त करा लिया है।
पुलिस ने दोनों बच्चों के अपहरण में शामिल दो आरोपियों नव खेरवार उर्फ सूर्या व उसकी पत्नी सोनी कुमारी को भी गिरफ्तार कर लिया है।
दोनों बिहार के औरंगाबाद जिले के बारून थाना क्षेत्र रहने वाले हैं और बंजारा (गुलगुलिया गैंग) की तरह जहां-तहां घूम-घूमकर बैलून बेचते हैं।
एडीजी सीआइडी मनोज कौशिक, एसएसपी रांची राकेश रंजन व रामगढ़ के एसपी अजय कुमार व उनकी टीम को मिली गुप्त सूचना पर दोनों बच्चों को सकुशल मुक्त कराया जा सका है।
इस अभियान में रांची व रामगढ़ के एसपी व उनकी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दूसरे राज्यों में इस प्रकार के बच्चों के अपहरण की घटना को जोड़कर अनुसंधान किया गया है।
झारखंड पुलिस की टीमें ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार, छत्तीसगढ़, राजस्थान, दिल्ली, महाराष्ट्र सहित बारह राज्यों में गईं थीं। गौरतलब है कि दो जनवरी को दोनों बच्चे 10 रुपये लेकर घर से चूड़ा खरीदने के लिए दोपहर करीब ढाई बजे निकले थे और इसके बाद से ही लापता थे।
पुलिस अपहरण से संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर छानबीन कर रही थी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दोनों बच्चों की सकुशल बरामदगी पर इंटरनेट मीडिया एक्स पर भावुक पोस्ट किया है।
होगी गहन पड़ताल, कमर तोड़ देंगे आपराधिक गिरोहों का - हेमंत सोरेन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक्स पर पोस्ट किया है कि अपहरणकर्ताओं के चंगुल से आजाद हुई दो मासूम जिंदगियां। आखिर कोई इतना कैसे गिर सकता है। व्यक्तिगत रूप से उनके लिए पिछले कुछ दिन काफी परेशान करने वाले रहे।
शुरुआत में सफलता नहीं मिल रही थी, लेकिन फिर जिस ढंग से दूसरे राज्य में हुई इसी ढंग की घटना के तार जोड़कर रांची पुलिस ने अपराधियों तक पहुंचकर बच्चों को मुक्त कराया, वह प्रशंसनीय है।
वे इस जांच अभियान को यहीं पर नहीं छोड़ने जा रहे हैं। राज्य व राज्य के बाहर घटित हुई ऐसी घटनाओं की गहन पड़ताल करते हुए अपराधिक गिरोह की कमर तोड़ने की कार्रवाई करेंगे।
मुख्यमंत्री ने रांची व झारखंड पुलिस को बधाई व अंश तथा अंशिका के परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं दी है।
डीजीपी ने बच्ची को गोद में लिया, पुलिस टीम की सराहा
डीजीपी तदाशा मिश्रा ने झारखंड पुलिस मुख्यालय में अपहर्ताओं के चंगुल से मुक्त बच्ची अंशिका को गोद में उठा लिया। उन्होंने पूरी पुलिस टीम को बधाई दी। प्रेस कान्फ्रेंस में ही अंश व अंशिका ने अपना-अपना नाम भी बताया।
दोनों बच्चों के पिता सुनील कुमार ने तीन जनवरी को धुर्वा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके लिए रांची के ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था।
इसमें सिटी एसपी व ट्रैफिक एसपी के संयुक्त सहयोग में रांची जिले के 48 पुलिस पदाधिकारियों को शामिल किया गया था। सबकी सक्रिय भागीदारी से दोनों बच्चे मुक्त हुए।
500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण
डीजीपी ने बताया कि रांची पुलिस ने सभी पहलुओं पर अनुसंधान व खोजबीन की। इसके लिए 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया तथा फुटेज में संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों का सत्यापन किया।
इस मामले में 5000 से अधिक वाहनों का सत्यापन किया एवं इनकी इस घटना में संलिप्तता के संबंध में छानबीन की गई। प्रिंट व इलेक्ट्रानिक मीडिया तथा इंटरनेट मीडिया के माध्यम से दोनों बच्चों की सूचना देने के लिए बड़े स्तर पर प्रचार-प्रसार किया गया।
विज्ञापन जारी कर उक्त दोनों बच्चों की सूचना देने के लिए प्रति बच्चे दो लाख यानी चार लाख रुपये के पुरस्कार की घोषणा की गई। बड़े स्तर पर प्रचार-प्रसार किया गया।
इसके बाद आम लोगों के माध्यम से उन बच्चों से सूूचना से संबंधित 1000 से अधिक काल को हर दिन अटेंड किया गया। विभिन्न राज्यों में ऐसे कांडों से संबंधित आरोपपत्रित अभियुक्तों के संबंध में सत्यापन कर घटना में संलिप्तता के संबंध में छानबीन की गई।
पुलिस ने बच्चों की तलाश में झारखंड के विभिन्न जिलों में बड़े पैमाने पर रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंड, टेंपू स्टैंड, हाट-बाजार आदि में तलाशी अभियान चलाया। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पोस्टर्स से भी प्रचार-प्रसार किया।
जगन्नाथपुर, धुर्वा थाना क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से सभी संभावित एवं संदिग्ध स्थलों, रिमोट एरिया का निरीक्षण किया। डाग स्क्वायड की भी मदद ली।
सीआइडी के एडीजी ने पूरे देश में जारी किया ह्यू एंड क्राई नोटिस
डीजीपी तदाशा मिश्रा के निर्देश पर सीआइडी के एडीजी मनोज कौशिक ने पूरे मामले की निगरानी की। एडीजी मनोज कौशिक ने पूरे देश में ह्यू एंड क्राई नोटिस जारी किया व विभिन्न बाल संगठनों ने उक्त मामले में सूचना प्रसारण के लिए सराहनीय योगदान दिया।
रांची व रामगढ़ पुलिस के सराहनीय सहयोग से दोनों बच्चे सकुशल मुक्त हुए हैं। इस कांड में गिरफ्तार दोनों आरोपित दो अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े हैं।
उनसे पूछताछ जारी है। रांची पुलिस आगे का अनुसंधान कर रही है। अंतरराज्यीय गिरोह के सभी सदस्यों व ठिकानों की पहचान कर बड़े पैमाने पर छापेमारी की जा रही है। |
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