ड्रोन और सीसीटीवी से जारी होगा अलर्ट, कितनी आ रही है प्रयागराज जंक्शन पर भीड़
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। प्रयागराज जंक्शन की सुरक्षा केवल जमीन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आसमान से ड्रोन और कंट्रोल टावर के जरिए पल-पल की निगरानी होगी। विशेष ड्रोन पांच किलोमीटर के एरिया में ही निगरानी करेगा और अलर्ट देगा कि कहां भीड़ ज्यादा है और किस रास्ते से स्टेशन पर भीड़ आ रही है।
इसका डेमो बुधवार को आरपीएफ एसआई विवेक कुमार ने महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के सामने किया तो उन्होंने पूरी तन्मयता से काम करने के लिए सभी को प्रेरित किया। जीएम प्रयागराज जंक्शन का सघन निरीक्षण कर कंट्रोल टावर से शहर के सभी आठों स्टेशन से लेकर संगम तक का सजीव प्रसारण देखा।
डीआरएम रजनीश अग्रवाल ने बताया कि रेलवे ने सिविल प्रशासन के कैमरों के साथ भी कनेक्टिविटी स्थापित की है, जिससे जंक्शन के बाहर के रास्तों पर भी रेलवे की नजर रहेगी। महाप्रबंधक ने परिचालन और वाणिज्य विभाग के प्रमुख अधिकारियों के साथ स्टेशन के प्लेटफॉर्मों और सर्कुलेटिंग एरिया को देखा-कहा कि सबकुछ अच्छा है, आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन और रेलवे सुरक्षा बल के बीच बेहतर तालमेल में कमी न हो इसका ध्यान सबसे ऊपर रखा जाए।
इस दौरान प्रमुख मुख्य परिचालन प्रबंधक एस.एस. चन्द्रायन, प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक ब्रिजेंद्र कुमार, प्रमुख मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर सत्येंद्र कुमार, प्रमुख मुख्य सुरक्षा आयुक्त प्रदीप कुमार गुप्ता, अपर मण्डल रेल प्रबंधक (सामान्य) दीपक कुमार, सचिव महाप्रबंधक अखिल शुक्ला आदि मौजूद रहे।
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क्या है प्रमुख तैयारी
- इंटीग्रेटेड मानिटरिंग: प्रयागराज जंक्शन से लेकर संगम तक एक ही कंट्रोल रूम से कनेक्टेड।
- ड्रोन सर्विलांस: भीड़ नियंत्रण के लिए हवा से हर रास्तों की निगरानी।
- सिविल कनेक्टिविटी: रेलवे और जिला प्रशासन के कैमरों का साझा नेटवर्क।
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