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अब तक 53 हजार लोगों ने भरा फार्म छह। जागरण
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण- एसआइआर अभियान के तहत किन्हीं वजहाें से गणना प्रपत्र नहीं भर पाने, अनंतिम मतदाता सूची में नाम कट जाने या फिर एक जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं को वोटर बनने के लिए फार्म छह भरने की सुविधा दी गई है।
यद्यपि, उन्हें इस फार्म के साथ जरूरी प्रमाण पत्राें के अलावा एक घोषणा पत्र भी भरना अनिवार्य किया गया है, जिसमें गणना प्रपत्र की तरह वर्ष 2003 की मतदाता सूची का भी विवरण भरना है। लेकिन, यदि आवेदनकर्ता या उसके माता-पिता का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज है तो उसे किसी भी तरह का अलग से प्रमाण पत्र नहीं देना होगा। सिर्फ फार्म छह और घोषणा पत्र भर देने से वे वोटर बन जाएंगे।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी व एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीत सिंह ने बताया कि इस संबंध में सभी बीएलओ को जानकारी दी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि एसआइआर के पहले चरण और छह जनवरी को मतदाता सूची के अनंतिम प्रकाशन के बाद से बुधवार तक करीब 53 हजार लोग फार्म छह भर चुके हैं। इसी तरह नाम में संशोधन या पता बदलने के लिए 17 हजार फार्म आठ और मतदाता सूची से नाम कटवाने के लिए करीब 700 फार्म सात भरे गए हैं।
हालांकि मतदाता सूची में बड़ी संख्या में मृतकों के नाम अभी भी बरकरार रहने की शिकायत सभी विधानसभा क्षेत्रों से आ रही है। कैंपियरगंज विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नगर पंचायत चौमुखा के वार्ड नंबर 14 रामनगर में भाग संख्या 152 और 153 की मतदाता सूची में कई मृतकों के नाम भी प्रकाशित हैं।
भाग संख्या 152 में क्रमांक 578 पर मृतक संदीप का नाम दर्ज है, जबकि भाग संख्या 153 में क्रमांक 414 पर पूर्णवासी नामक मृतक का नाम प्रकाशित है। इसी प्रकार एक ही परिवार के कई मतदाताओं का नाम अलग-अलग बूथों की मतदाता सूची में दर्ज कर दिया गया है।
फार्म छह भरने के बाद अब भर रहे घोषणा पत्र
जिन लोगों के नाम मतदाता सूची में छूट गए हैं या जो किन्हीं वजहों से गणना प्रपत्र नहीं भर सके थे, वोटर बनने के लिए वे अब फार्म छह भर रहे हैं।इस फार्म के साथ एक घोषणा पत्र भी भरना अनिवार्य है, जो एसआइआर के आवेदन की तरह है। इसमें भी अपना या अपने माता-पिता का वर्ष 2003 का विवरण दर्ज करना है। लेकिन, शुरू में घोषणा पत्र की व्यवस्था नहीं होने की वजह से सैकड़ों की संख्या में लोगों ने सिर्फ फार्म छह भर दिया।
अब घोषणा पत्र की वजह से उनका आवेदन पत्र पूरा नहीं माना जा रहा । बीएलओ की ओर से सूचना मिलने के बाद वे घोषणा पत्र भर रहे। दिग्विजयनगर वार्ड के पार्षद ऋषि मोहन वर्मा का कहना है कि उनके ही वार्ड में ऐसे कई लोग परेशान हैं। हुंमायूपुर के रविंद्र कुमार गुप्ता के पांच सदस्यों ने जब फार्म छह भरा था तो घोषणा पत्र का विकल्प ही नहीं था।
अब सभी को फिर से घोषणा पत्र भरना पड़ा। उन्होंने बताया कि वार्ड की मतदाता सूची में कई अन्य खामियां भी हैं। एक ही मकान नंबर पर 100 से अधिक मतदाताओं के नाम दर्ज हैं तो परिवार के कुछ सदस्यों का नाम दूसरे बूथ की मतदाता सूची में शिफ्ट कर दिया गया है।
बूथों की संख्या बढ़ने से शिफ्ट हुए कई मतदाताओं के नाम
उप जिला निर्वाचन अधिकारी विनीत सिंह का कहना है कि एसआइआर अभियान के दौरान 368 नए बूथ भी बनाए गए हैं। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले के जिन भी बूथों पर मतदाताओं की संख्या 1200 से अधिक थी, उनका संभाजन कर नए बूथ बनाए गए हैं।
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जिले में पहले 3679 बूथ थे, जिनकी संख्या बढ़कर अब 4047 हो गई है। कैंपियरगंज में 45, पिपराइच में 41, शहर में 40, ग्रामीण 36, सहजनवां में 30, खजनी में 48, चौरीचौरा में 39, बांसगांव में 39 और चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र में 50 नए बूथ बनाए गए हैं। ऐसे में कई मतदाताओं के नाम दूसरे बूथ पर शिफ्ट किए गए हैं।
बिना मैपिंग वाले मतदाताओं को देने होंगे ये विकल्प
- केंद्र, राज्य सरकार या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के कर्मचारियों या पेंशनभोगियों को जारी पहचान पत्र
- एक जुलाई 1987 से पहले सरकार/स्थानीय क्षेत्र प्राधिकरणों/बैंकों/डाकघर/एलआइसी/सार्वजनिक के उपक्रमों द्वारा जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र /प्रमाणपत्र/अभिलेख
- सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र
- पासपोर्ट
- मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालयों द्वारा जारी हाईस्कूल /शैक्षणिक प्रमाण पत्र
- सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र
- वन अधिकार प्रमाण पत्र
- सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी/एससी/एसटी या कोई भी जाति प्रमाण पत्र
- राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहां भी हो)
- राज्य/स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा तैयार किया गया परिवार रजिस्टर
- सरकार द्वारा जारी कोई भी भूमि/मकान आवंटन प्रमाण पत्र
- आधार के साथ कोई भी एक प्रमाण पत्र और लगाना होगा
- बिहार एसआइआर की मतदाता सूची
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