अमेरिका ने ईरान पर लगाए नए प्रतिबंध, विरोध प्रदर्शनों पर दमन और तेल के पैसे की हेराफेरी के आरोप
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों और वित्तीय नेटवर्क पर नए प्रतिबंध लगाए। इन पर आरोप है कि उन्होंने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों पर हिंसक दमन किया और ईरानी तेल बिक्री से अरबों डॉलर की कमाई को “शैडो बैंकिंग“ के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग की।
यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर हुई, जो ईरान में दिसंबर 2025 से चल रहे बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच “अधिकतम दबाव“ अभियान का हिस्सा है। ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा, “अमेरिका ईरानी लोगों के साथ स्वतंत्रता और न्याय की मांग में मजबूती से खड़ा है।“
प्रदर्शनों पर दमन के आरोपी अधिकारी
प्रतिबंधों में ईरान के सुप्रीम काउंसिल फॉर नेशनल सिक्योरिटी (SCNS) के सेक्रेटरी अली लारीजानी शामिल हैं। अमेरिका का आरोप है कि लारीजानी ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा का आह्वान किया और दमन का समन्वय किया। इसके अलावा, लोरिस्तान और फार्स प्रांतों में लॉ एनफोर्समेंट फोर्सेस (LEF) और इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडरों (जैसे मोहम्मद रेजा हाशेमिफर, नेमतोल्लाह बघेरी) पर भी प्रतिबंध लगाए गए, जहां सुरक्षा बलों ने “अनगिनत शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को मार डाला“ और अस्पताल घायलों से भर गए।
शैडो बैंकिंग नेटवर्क पर निशाना
ट्रेजरी ने 18 व्यक्तियों और संस्थाओं को नामित किया, जो यूएई, सिंगापुर और ब्रिटेन में फ्रंट कंपनियों के जरिए ईरानी तेल और पेट्रोकेमिकल बिक्री से प्राप्त राजस्व को लॉन्डर करते हैं। ये नेटवर्क सैंक्शन वाले बैंक मेली और शहर बैंक से जुड़े हैं, जो सालाना अरबों डॉलर का गुप्त लेन-देन करते हैं, जबकि ईरानी नागरिक आर्थिक संकट झेल रहे हैं।
प्रतिबंधों के प्रभाव
नामित व्यक्तियों और संस्थाओं की अमेरिकी संपत्तियां फ्रीज कर दी गईं। अमेरिकी नागरिकों को उनके साथ व्यापार करने से रोका गया। विदेशी वित्तीय संस्थानों को द्वितीयक प्रतिबंधों का खतरा है अगर वे इनके साथ लेन-देन करते हैं। ट्रेजरी ने कहा कि यह ईरानी अभिजात वर्ग द्वारा “चोरी“ किए गए संसाधनों को ट्रैक करने का हिस्सा है।
ट्रंप प्रशासन का “अधिकतम दबाव“ अभियान
2025 में ट्रेजरी ने 875 से अधिक व्यक्तियों, जहाजों और विमानों पर प्रतिबंध लगाए थे। यह कार्रवाई ईरान के तेल निर्यात को रोकने और उसके वित्तीय नेटवर्क को निशाना बनाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। प्रदर्शन दिसंबर 2025 में मुद्रा संकट से शुरू हुए, लेकिन अब पूरे देश में सरकार विरोधी हो गए हैं, जिसमें हजारों मौतें और इंटरनेट ब्लैकआउट शामिल हैं।
प्रदर्शन अब कमजोर पड़ रहे हैं
प्रदर्शन अब कमजोर पड़ रहे हैं, लेकिन ट्रंप ने ईरानी लोगों को “मदद“ का वादा किया है। ट्रेजरी ने कहा कि वे ईरानी नेताओं के विदेशी फंड्स को ट्रैक कर रहे हैं। ईरान ने अमेरिकी हस्तक्षेप का आरोप लगाया है, जबकि मानवाधिकार समूहों ने दमन की निंदा की है। यह कदम ईरान में सबसे बड़े विरोध प्रदर्शनों के बीच आया है। |