गोशाला
संवाद सूत्र, जागरण, गुलड़िया (बरेली)। प्रदेश के पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह के विधानसभा क्षेत्र के गांव अनुरुद्धपुर स्थित गोशाला की दुर्दशा ने सिस्टम की पोल खोल दी है। अव्यवस्था के चलते कई गोवंश की मौत होने पर ग्राम प्रधान, प्रधान के प्रति और केयरटेकर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। दूसरे दिन भी अधिकारी मौके पर पहुंचे, दिनभर सफाई अभियान चलाया गया, लेकिन अब भी काम बचा हुआ है। दूसरे केयरटेकर को जिम्मेदारी दी गई है।
मुख्य विकास अधिकारी देवयानी ने सचिव, पशु चिकित्सक अधिकारी, बीडीओ और गोशाला के नोडल अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने मामले की रिपोर्ट शासन को भेजी है। गोशाला की दुर्दशा बीते बुधवार को उस समय उजागर हुई जब दो दर्जन गोवंश की मौत होने की जानकारी मिलने पर विश्व हिंदू परिषद कार्यकर्ताओं हंगामा शुरू कर दिया।
गोशाला में थी अव्यवस्था
उनका आरोप था कि गोशाला में दो दर्जन गो वंश की मौत हुई है मृत पड़े हैं इन्हें गड्ढों में छिपाया जा रहा है, जबकि बीमार पशुओं को जानवर नोंच रहे हैं। गोशाला में भारी अव्यवस्था थी। जिलाधिकारी तक मामला पहुंचने पर एडीएम पूर्णिमा सिंह, एसडीएम विदुषी सिंह व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे थे।
अव्यवस्था मिलने पर पशु चिकित्सक, सचिव के निलंबन, प्रधान के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने और केयर टेकर को हटाने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में गुरुवार को ग्राम पंचायत सचिव शिप्रा सिंह ने ग्राम प्रधान रचना देवी, उनके पति दिनेश कुमार और केयरटेकर के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है।
नए केयर टेकर से कराई सफाई
तहरीर में उन्होंने लिखा है कि 14 जनवरी शाम चार बजे वह साथी सचिव हेमंत श्याम के साथ गोशाला गई थीं, तो उन्हें चार गो वंश मृत मिले थे। एसडीएम विदुषी सिंह ने गुरुवार को गोशाला का निरीक्षण किया। जो गोवंश बीमार थे उनका उपचार कराया गया। केयर टेकर को बदल दिया गया है, नए केयर टेकर विनोद कुमार से गोशाला की सफाई कराई गई।
गोवंश को ठंड से बचने के लिए तिरपाल व उनके ऊपर बोरे डालने की व्यवस्था की गई। साथ ही 40 क्विंटल हर चारा व 10 कट्टे चोकर की भी व्यवस्था कराई गई। एसडीएम ने बताया कि पशु चिकित्साधिकारी डा. संजय शर्मा व सचिव शिप्रा सिंह के विरुद्ध कार्यवाही के लिए जिलाधिकारी को लिख दिया है। सपा नेता पूर्व ब्लाक प्रमुख डा. जीराज सिंह यादव व पीयूष वर्मा ने गोशाला पहुंचकर व्यवस्थाओं को देखा।
सपा नेता ने देखी गोशाला की स्थिति
उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में गोवंश को लेकर केवल राजनीति की जा रही है। समझा जा सकता है कि पशुधन मंत्री के क्षेत्र में गो वंश का यह हाल है तो पूरे प्रदेश में क्या होगा। इस संबंध में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. मनमोहन पांडेय ने बताया कि चार गोवंश की मौत हुई है, जिन्हें दफना दिया गया है। तीन गोवंश बीमार थे, उनका उपचार कराया जा रहा है।
पशु चिकित्सक को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए वेतन रोका गया है। कार्रवाई की संस्तुति करते हुए शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है। कार्रवाई शासन स्तर से ही की जाएगी। सीडीओ देवयानी ने बताया कि ग्राम प्रधान, प्रधान पति और केयरटेकर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
इसके साथ ही सचिव शिप्रा सिंह, पशु चिकित्सक अधिकारी डा. संजय वर्मा, बीडीओ सुनील वर्मा और गोशाला के नोडल अधिकारी डा. विश्वेंद्र कुमार (डीडी मंडी) को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने साफ किया कि जवाब संतोषजनक न होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
नोडल अधिकारियों की भूमिका पर सवाल
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने सभी गोशालाओं के लिए नोडल अधिकारी तैनात किए हैं। नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने के साथ रिपोर्ट भी मंगाई जा रही है।
अनुरूद्धपुर गोशाला की दुर्दशा देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि नोडल अधिकारी कितनी गंभीरता से गोशालाओं का निरीक्षण कर रहे हैं। योगी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली गोवंश संरक्षण योजना का पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह के विधानसभा क्षेत्र की गोशाला की दुर्दशा ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा कर दिया है।
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