सांकेतिक तस्वीर
राज्य ब्यूरो, रांची। दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) ने बिजली उपभोक्ताओं पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ डालने की तैयारी कर ली है। निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिजली टैरिफ में औसतन 45 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग (जेएसईआरसी) के समक्ष रखा है। इसके साथ ही डीवीसी ने वित्तीय वर्ष 2024-25 से 2030-31 तक की बहुवर्षीय वार्षिक राजस्व और निवेश योजना भी दाखिल की है।
डीवीसी का कमांड एरिया झारखंड के धनबाद, बोकारो, गिरिडीह, कोडरमा, हजारीबाग और आसपास के औद्योगिक एवं शहरी क्षेत्रों में फैला हुआ है। यहां घरेलू, व्यावसायिक, औद्योगिक और रेलवे जैसे बड़े उपभोक्ता डीवीसी की बिजली पर निर्भर हैं। प्रस्तावित टैरिफ बढ़ोतरी का सीधा असर इन्हीं क्षेत्रों के लाखों उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
डीवीसी के मुताबिक बढ़ती बिजली मांग और परिचालन लागत को देखते हुए राजस्व लक्ष्य में भारी वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 9,582.10 करोड़ रुपये और 2030-31 तक 12,975.18 करोड़ रुपये राजस्व का लक्ष्य रखा है। वहीं झारखंड में वर्ष 2030-31 तक कुल बिजली बिक्री 12,651.54 मिलियन यूनिट तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है।
कितनी दरें बढ़ाने का प्रस्ताव
प्रस्ताव के अनुसार एलटी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए दर 4.30 रुपये प्रति यूनिट से घटाकर 4.25 रुपये करने की बात कही गई है, लेकिन एलटी (कॉमर्शियल) उपभोक्ताओं के लिए दर 4.30 से बढ़ाकर 4.80 रुपये प्रति यूनिट करने का प्रस्ताव है।
एचटी श्रेणी (11 केवी से 220 केवी) के उपभोक्ताओं के लिए दर 4.20 रुपये से बढ़ाकर 6.11 रुपये प्रति यूनिट और रेलवे के लिए 4.10 से बढ़ाकर 5.96 रुपये प्रति यूनिट करने का प्रस्ताव दिया गया है।
ऊर्जा शुल्क के साथ-साथ फिक्स्ड चार्ज में भी वृद्धि प्रस्तावित है। एचटी उपभोक्ताओं के लिए फिक्स्ड चार्ज 400 रुपये प्रति केवीए से बढ़ाकर 450 रुपये प्रति केवीए करने और रेलवे के फिक्स्ड चार्ज में 50 रुपये की बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया है।
जेएसईआरसी के नियमों के तहत डीवीसी ने आम जनता और हितधारकों से आपत्तियां व सुझाव मांगे हैं, जो छह फरवरी तक जमा किए जा सकते हैं। आयोग द्वारा 13 फरवरी से जनसुनवाई शुरू की जाएगी, जिसके बाद ही नई बिजली दरों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। |