पुलिस लाइन के पास हापुड़ रोड पर बिना हेलमेट पहने बाइकसवार पुलिसकर्मी। जागरण
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में लगातार हो रही मौतों को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश सरकार ने दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए हेलमेट से जुड़ा सख्त आदेश जारी किया है। इसके तहत दोपहिया की बिक्री के समय दो हेलमेट अनिवार्य किए गए हैं। दोपहिया चालक समेत पीछे बैठने वाली सवारी के लिए हेलमेट की जरूरत को देखते हुए आदेश जारी किया गया है। इसके बावजूद खुद पुलिसकर्मी ही नियमों का उल्लंघन करते हैं।
सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की बड़ी संख्या में दोपहिया वाहन चालक और उनके पीछे बैठे लोगों की होती है। इनमें से अधिकांश मौतों की वजह सिर में गंभीर चोट लगना और हेलमेट न पहनना माना जाता है। इसी खतरे को कम करने के उद्देश्य से सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दोपहिया वाहन की बिक्री के समय डीलर द्वारा आईएसआई मार्क वाले दो हेलमेट देना अनिवार्य होगा।
इसके साथ ही बाइक चालक और पीछे बैठने वाले व्यक्ति दोनों के लिए आईएसआई प्रमाणित हेलमेट पहनना जरूरी कर दिया गया है। हालांकि गाजियाबाद में इन आदेशों का जमीनी स्तर पर असर दिखाई नहीं दे रहा है। शहर के हापुड़ रोड स्थित पुलिस लाइन के पास, थाना विजय नगर के आसपास और लगभग सभी प्रमुख पुलिस थानों के नजदीक रोजाना ऐसे दृश्य देखने को मिलते हैं।
जहां दोपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट दोपहिया चलाते नजर आते हैं। हैरानी की बात यह है कि इनमें आम नागरिकों के साथ-साथ कानून व्यवस्था संभालने वाले पुलिसकर्मी भी शामिल होते हैं, जो बिना हेलमेट बाइक चलाते दिख जाते हैं। जब नियमों का पालन कराने वाली पुलिस ही यातायात नियमों की अनदेखी करती नजर आती है। तो आम लोगों में भी नियमों के प्रति लापरवाही बढ़ जाती है।
नियम का पालन सभी के लिए जरूरी है। दोपहिया चालक के लिए हेलमेट जान बचाने के काम आता है। सभी पुलिसकर्मियों के लिए भी हेलमेट पहनाना अनिवार्य है। उल्लंघन करते पाए जाने पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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जियाउद्दीन अहमद, एसीपी ट्रैफिक |
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