गले में साड़ी का फंदा लगाकर पानी की टंकी पर चढ़ा अवधेश।
संवाद सूत्र, जागरण कन्नौज। तालग्राम में जमीन पर कब्जे के मामले में न्याय न मिलने से निराश एक किसान गुरुवार की शाम पानी की टंकी पर चढ़ गया। गले में साड़ी का फंदा लगाकर लटक जाने की चेतावनी दी तो मानो पौने दो घंटे तक तहसील के अधिकारियों की सांस गले में अटकी रही।
ग्रामीण भी सकते में आ गए। वह अधिकारियों के समझाने और दो दिन में जमीन को कब्जा मुक्त कराने के भरोसे पर नीचे उतरा।
तालग्राम थाना क्षेत्र के रोहली चौकी के ग्राम सिलुआपुर निवासी अवधेश जाटव पुत्र रामबाबू ने बताया कि उनकी साढ़े सात बीघा जमीन पर गांव के 10 लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। न्यायालय से मुकदमा जीतने और डीएम, एसडीएम सहित प्रशासनिक अधिकारियों के स्पष्ट आदेश के बावजूद आज तक उसे कब्जा नहीं दिलाया गया।
गुरुवार को जब वह अपनी जमीन पर निर्माण शुरू करा रहा था, तभी गांव के विपक्षी लोगों ने उस पर हमला कर दिया और मारपीट की। आरोप है कि इस मामले में भी कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं हुई, जिससे वह पूरी तरह टूट गया। प्रशासनिक उदासीनता से आहत होकर साड़ी लेकर गांव की पानी की टंकी पर चढ़ गया।
मामले की जानकारी होते ही पुलिस व राजस्व महकमे में हलचल मच गई। थानाध्यक्ष विनय कुमार शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। इसके बाद तहसीलदार अवनीश कुमार सिंह, नायब तहसीलदार हिमांशु प्रभाकर व लेखपाल ध्रुव सिंह भी पीड़ित अवधेश को मनाने की कोशिश करते रहे।
एक घंटा 45 मिनट तक मान-मनोव्वल चलता रहा। तहसीलदार से आश्वासन मिलने के बाद सिपाही संदीप सिंह की मदद से अवधेश को सुरक्षित नीचे उतारा गया। तहसीलदार ने बताया कि पीड़ित को न्याय दिलाया जाएगा तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीएम और एसपी को बुलाने की मांग पर अड़ा था पीड़ित
पानी की टंकी पर चढ़ने के बाद अवधेश जाटव के स्वजन ने उसे समझाया। तभी थोड़ी ही देर में थानाध्यक्ष विनय कुमार शर्मा मौके पर पहुंच गए। उन्होंने वार्ता की तो अवधेश ने साफ कह दिया कि जब तक डीएम और एसपी मौके पर आकर उनकी बात नहीं सुनेंगे तब तक वह टंकी से नीचे नहीं उतरेंगे। वह अपनी बात डीएम व एसपी के माध्यम से मुख्यमंत्री के पास पहुंचाएंगे।
30 वर्ष पहले हुआ था जमीन का पट्टा
पीड़ित अवधेश ने बताया 30 वर्ष पहले उनका जमीन का पट्टा हुआ थाा, जिस पर उनका प्रशासन ने कई बार कब्जा कराया लेकिन दबंग लोग जबरदस्ती उनकी जमीन को छीन लेते थे और मारपीट करते थे। उन्होंने शासन व प्रशासन से गुहार लगाई।
अवैध कब्जेदारों ने लगवाया दुष्कर्म का झूठा मुकदमा
पीड़ित ने बताया कि दबंगों ने वर्ष 2021 में उस पर दुष्कर्म का झूठा मुकदमा भी लिखवा दिया। जिसके चलते उसको जेल जाना पड़ा था। उसके गांव में ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जेदारों की भरमार है। इन कब्जेदारों के आगे प्रशासन बौना साबित हुआ है।
ग्राम समाज की भूमि कब्जा मुक्त कराने की मांग
सिलुआपुर के ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में दबंग लोग सैकड़ों बीघा भूमि पर कब्जा किए हैं। प्रशासन को इन लोगों से जमीन कब्जा मुक्त करानी चाहिए।
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