हिमाचल में कई क्षेत्रों में शीतलहर चल रही है। वीरवार को शिंकुला दर्रे पर बर्फ के फाहे गिरे। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में वर्षा व हिमपात की उम्मीद जगी है l सौजन्य पाठक
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल में शीतलहर के बीच पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 16 से 21 जनवरी तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में वर्षा व हिमपात की संभावना है। 19 और 20 जनवरी को कई हिस्सों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। 16 जनवरी को दिन में घना कोहरे व शीतलहर को लेकर चेतावनी दी है। वीरवार देर शाम शिंकुला दर्रे सहित लाहौल व मनाली की चोटियों में बर्फ के फाहे गिरे।
इससे लाहौल सहित मनाली घाटी में हिमपात की उम्मीद जग गई है। वीरवार को प्रदेश में मौसम साफ रहा। पर्यटन केंद्र शिमला में सुबह से धूप खिली रही जबकि मैदानी क्षेत्रों में कोहरे ने लोगों को परेशान किया। बिलासपुर में घने कोहरे के कारण दृश्यता घटकर मात्र 20 मीटर तक पहुंच गई। पिछले करीब तीन माह से वर्षा और हिमपात नहीं होने के कारण सूखे जैसे हालात बने हुए हैं।
ताबों में माइनस में तापमान
इसका सीधा असर फसलों और फलों पर पड़ रहा है। निचले और मैदानी इलाकों में रबी की मुख्य फसल गेहूं बर्बादी की कगार पर पहुंच चुकी है और किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। जनजातीय क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे बना हुआ है। लाहौल स्पीति के कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 6.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि ताबो में माइनस 4.9 डिग्री रहा।
इसके अलावा कल्पा में माइनस 0.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। वहीं शून्य के आसपास तापमान वाले इलाकों में सुंदरनगर और भुंतर में 0.5 डिग्री, सोलन में 0.6 डिग्री, सैंज में 0.2 डिग्री और बजौरा में 1.4 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
कई इलाकों में शीतलहर का अलर्ट
हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी और ऊना में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है और इन इलाकों में ठंड का प्रभाव शिमला जैसे पर्यटन स्थल से भी ज्यादा महसूस किया जा रहा है।
बुधवार रात राज्य के औसत न्यूनतम तापमान में 0.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है और फिलहाल प्रदेश का औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से करीब 1 डिग्री सेल्सियस कम बना हुआ है। |
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