नहर किनारे पानी में पड़ी दवाएं
संवाद सूत्र, जागरण जालौन। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की लाखों रुपये की सरकारी दवाएं गुरुवार को नहर के पानी में बहती हुई मिलीं। दवाओं पर नॉट फॉर सेल अंकित था, जिससे इनके सरकारी होने की पुष्टि होती है। यह दवाएं एक्सपायर भी नहीं हैं।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर इन दवाओं को इस तरह क्यों फेंका गया। इसकी जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर पहुंचकर एसीएमओ ने जांच की और दवा को किस सेंटर पर भेजा गया इसकी भी जांच कराई जा रही है।
गुरुवार की सुबह जब लोग टहलने के लिए नहर किनारे पहुंचे तो गौशाला के पास बड़ी मात्रा में दवाएं बहती हुई दिखाई दीं। लोगों ने पास जाकर देखा तो दवाओं पर नॉट फॉर सेल लिखा हुआ था और कोई भी दवा एक्सपायर नहीं हुई थी। जिससे स्पष्ट हो गया कि ये दवाएं सरकारी हैं और किसी स्वास्थ्य केंद्र से संबंधित हैं।
घटना की सूचना मिलते ही आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का एक चिकित्सक कुछ अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचा और नहर से दवाएं हटाने का प्रयास करने लगा। लोगों ने चिकित्सक सहित पहुंचे स्वास्थ्य कर्मियों को दवाएं उठाने से रोक दिया और साफ कहा कि जब तक कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं आता, तब तक दवाओं को हटाने नहीं दिया जाएगा।
लोगों ने कहा कि सीएचसी में मरीजों को दवाएं उपलब्ध नहीं होने का हवाला देकर बिना दवा के वापस लौटा दिया जाता है और अधिकतर चिकित्सक बाहर की दवाएं लिखते हैं। दूसरी तरफ लाखों रुपये की सरकारी दवाएं नहर में बहती हुई मिल रही हैं। यह सीधे तौर पर सरकारी धन की बर्बादी और विभागीय लापरवाही को दर्शाता है।
घटना की जानकारी लोगों ने प्रभारी सीएमओ डॉ. डीके भिटौरिया को दी। जिस पर उन्होंने एसीएमओ डॉ. अरविंद भूषण को मौके पर जाकर जांच करने को कहा। दोपहर बाद जिम्मेदार मौके पर पहुंचे जिससे लोगों में रोष दिखा। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस मामले की जांच नहीं की गई तो स्वास्थ्य विभाग में हो रही ऐसी लापरवाही पर कभी रोक नहीं लग पाएगी।
उप मुख्यमंत्री से की शिकायत
नगर के बाहर नहर में मिली बड़े पैमाने पर सरकारी दवाओं के मामले में विभाग लीपापोती करने का प्रयास करता नजर आया। इसकी शिकायत उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक से की गई। चेयरमैन प्रतिनिधि रविकांत शिवहरे भी मौके पर पहुंचे तो डॉक्टरों से कहासुनी हो गई।
एसीएमओ डॉ. अरविंद भूषण का कहना है कि नहर में काफी मात्रा में दवाइयां मिली हैं जिनको इकट्ठा किया जा रहा है। उसके बाद उन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा। किस केंद्र पर यह दवाएं भेजी गई थीं, इसकी भी जांच की जाएगी। जो भी दोषी होगा उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. देवेंद्र भिटौरिया का कहना है कि गंभीर मामला है इसलिए एसीएमओ को मौके पर भेजा गया है। मामले की जांच कराई जा रही है जो भी दोषी होगा उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह भी पढ़ें- न्याय न मिलने से खफा किसान ने पानी की टंकी पर चढ़कर गले में लगाया फंदा, अधिकारियों के हाथ-पांव फूले |
|