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दरभंगा सांसद गोपालजी ठाकुर
डिजिटल डेस्क, पटना। मिथिलांचल के लाखों युवाओं के लिए एक बड़ी और लंबे समय से प्रतीक्षित खुशखबरी सामने आई है। Maithili Language in CTET मैथिली भाषा को केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) में शामिल करने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ चुका है। यह जानकारी दरभंगा से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने दी है।
निर्णायक चरण में पहुंचा मैथिली का प्रस्ताव
सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने बताया कि मैथिली भाषा को CTET में शामिल कराने का प्रयास अब निर्णायक चरण में पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की बैठक में मैथिली भाषा को CTET में शामिल करने से संबंधित प्रस्ताव को पास कर दिया गया है।
लाखों मैथिली भाषी अभ्यर्थियों को मिलेगा लाभ
इस प्रस्ताव के पारित होने से मिथिलांचल सहित देशभर के मैथिली भाषी युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा। अब शिक्षक बनने का सपना देखने वाले मैथिली माध्यम के अभ्यर्थियों को अपनी मातृभाषा में परीक्षा देने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और आत्मविश्वास दोनों बढ़ेंगे।
सांसद ने बताया इसे ऐतिहासिक उपलब्धि
डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने इस निर्णय को दरभंगा और पूरे मिथिलांचल के युवाओं के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि मैथिली भाषा को उसका उचित सम्मान दिलाने की दिशा में यह एक मजबूत कदम है, जो शिक्षा और रोजगार के नए रास्ते खोलेगा।
सांसद बनने के बाद से जारी था प्रयास
भाजपा सांसद ने कहा कि सांसद बनने के बाद से ही वे लगातार मैथिली भाषा को CTET में शामिल कराने के लिए प्रयासरत रहे हैं। कई स्तरों पर संवाद, पत्राचार और बैठकों के जरिए उन्होंने इस मांग को मजबूती से रखा।
पीएम मोदी और शिक्षा मंत्री का जताया आभार
इस उपलब्धि पर सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि दोनों के सहयोग और सकारात्मक दृष्टिकोण के कारण यह महत्वपूर्ण प्रस्ताव निर्णायक मोड़ तक पहुंच सका।
सोशल मीडिया पर साझा की खुशी
सांसद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इस खुशखबरी को साझा किया। पोस्ट में उन्होंने लिखा कि \“मैथिली को केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) में शामिल करने की दिशा में यह ऐतिहासिक कदम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के सहयोग से आज यह प्रयास निर्णायक चरण में पहुंचा है।\“
मैथिली भाषा को मिलेगा राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान
CTET में मैथिली के शामिल होने से न सिर्फ युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे, बल्कि भाषा को भी राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान और सम्मान प्राप्त होगा। यह फैसला मैथिली भाषा, संस्कृति और अस्मिता के लिए मील का पत्थर साबित माना जा रहा है। |
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